दक्षिण कोरिया की वाहन निर्माता कंपनियों हुंडई मोटर और किआ ने भारत में इस वर्ष के पहले 5 महीनों के दौरान शानदार बिक्री दर्ज की है। एसयूवी वाहनों की लगातार बढ़ती मांग के कारण दोनों कंपनियों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है। सोसाइटी ऑफ़ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से मई की अवधि के दौरान हुंडई मोटर ने भारत में कुल 2,66,317 यात्री वाहनों की बिक्री की। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.1 प्रतिशत अधिक है। वहीं, किआ ने भी इसी अवधि में बेहतरीन प्रदर्शन किया। कंपनी की बिक्री में पिछले वर्ष की तुलना में 14.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे भारतीय यात्री वाहन बाज़ार में उसकी स्थिति और मजबूत हुई।
इन आँकड़ों के आधार पर भारत के यात्री वाहन बाज़ार में हुंडई मोटर चौथे स्थान पर रही। उससे आगे मारुति सुज़ुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा रहीं। वहीं किआ ने छठा स्थान हासिल किया और उससे आगे टोयोटा रही। जनवरी से मई की अवधि में हुंडई मोटर समूह की दोनों कंपनियों की संयुक्त बिक्री 4,05,514 वाहनों तक पहुँच गई। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 11.6प्रतिशत अधिक रही। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ी भूमिका एसयूवी मॉडल की रही। हुंडई की सबसे अधिक बिकने वाली क्रेटा और वेन्यू ने कंपनी की कुल बिक्री में आधे से अधिक का योगदान दिया।
वहीं किआ की सेल्टोस और सोनेट की मांग भी लगातार मजबूत बनी रही। इन दोनों एसयूवी मॉडलों ने कंपनी की कुल बिक्री में 76.3 प्रतिशत का योगदान दिया, जिससे कंपनी की कुल बिक्री में तेज़ बढ़ोतरी दर्ज हुई। इस बीच हुंडई मोटर इंडिया ने 1 जून से अपने वाहनों की कीमतों में अधिकतम ₹.12,800 तक की बढ़ोतरी कर दी है। कंपनी का कहना है कि उत्पादन लागत, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और परिचालन खर्च में लगातार वृद्धि के कारण यह फैसला लिया गया है।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि सभी मॉडलों और उनके अलग-अलग संस्करणों पर कीमतों में बढ़ोतरी समान नहीं होगी। प्रत्येक मॉडल के अनुसार कीमतों में बदलाव किया गया है। हुंडई मोटर इंडिया का कहना है कि वह लगातार लागत को नियंत्रित करने और ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ कम रखने का प्रयास कर रही है। इसके बावजूद बढ़ती लागत का कुछ हिस्सा बाज़ार में कीमत बढ़ाकर समायोजित करना आवश्यक हो गया, जिसके चलते सीमित स्तर पर यह मूल्य वृद्धि लागू की गई है।

