नीस | बीआर न्यूज नेटवर्क | केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत उभरती हुई वैश्विक प्रौद्योगिकियों में साझेदारी को और गहरा करने तथा स्वयं को दुनिया के इनोवेशन पार्टनर के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्रांस के नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ समिट में उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाते हुए दुनिया का भरोसेमंद इनोवेशन पार्टनर बनना है।
भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने की पहल
पीयूष गोयल ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ समिट का उद्देश्य भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम के लिए एक ग्लोबल एक्सेलेरेटर के रूप में काम करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल केवल विचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत को वैश्विक स्तर पर एक भरोसेमंद इनोवेशन पार्टनर के रूप में स्थापित करने का प्रयास है। उनके अनुसार भारत नई तकनीकों, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित विकास में दुनिया की अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।
भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर से सहयोग को मिलेगी नई गति
गोयल ने कहा कि वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के रूप में मनाया जा रहा है, जो इस पहल को विशेष महत्व प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दुनिया ऐसे दौर से गुजर रही है जहां भू-राजनीतिक परिवर्तन और नई तकनीकों का तेजी से विकास एक साथ हो रहा है। ऐसे समय में नवाचार और तकनीकी सहयोग वैश्विक विकास का प्रमुख आधार बन गया है।
एआई और नवाचार पर भारत-फ्रांस की साझा सोच
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के संबंधों को इस वर्ष विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है। दोनों देश इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैश्विक विमर्श को दिशा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2025 में पेरिस में आयोजित एआई एक्शन समिट की सह-अध्यक्षता की थी, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों फरवरी 2026 में भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल हुए थे।
फ्रांसीसी कंपनियों को भारत में निवेश का आमंत्रण
गोयल ने फ्रांसीसी कंपनियों और निवेशकों से भारत में निवेश, डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग गतिविधियों को बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल घरेलू बाजार और मजबूत निर्यात क्षमता विदेशी कंपनियों के लिए बड़े अवसर प्रदान करती है। भारत में निर्माण कर कंपनियां न केवल भारतीय बाजार की जरूरतों को पूरा कर सकती हैं, बल्कि यहां से दुनिया के अन्य देशों में भी निर्यात कर सकती हैं। उन्होंने फ्रांसीसी सहयोगियों से इस अवसर का लाभ उठाकर दीर्घकालिक और सार्थक साझेदारियां विकसित करने की अपील की।
स्टार्टअप्स और निवेशकों के लिए वैश्विक मंच
‘भारत इनोवेट्स’ समिट का संयुक्तउद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने किया। इस आयोजन में भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स, निवेशक, उद्यमी, टेक्नोलॉजी लीडर और नीति-निर्माता शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य इनोवेशन, निवेश और सीमा-पार सहयोग के नए अवसरों की तलाश करना तथा वैश्विक साझेदारियों को मजबूत बनाना है।

