Saturday, August 8, 2026 |
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India Inc की सौदा गतिविधियों में मई 2026 के दौरान ₹.94,000 करोड़ से अधिक के सौदे, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूती बरकरार

by Business Remedies
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India Inc records $11 Billion deal activity in May 2026 with strong M&A and private equity transactions

भारत में मई 2026 के दौरान कॉर्पोरेट सौदा गतिविधियों में अप्रैल की तुलना में कुछ नरमी देखने को मिली, लेकिन कुल स्तर पर बाजार की मजबूती और निवेशकों का भरोसा कायम रहा। एक रिपोर्ट के अनुसार, मई महीने में कुल 196 सौदे हुए, जिनका संयुक्त मूल्य लगभग $11 अरब रहा। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब ₹.94,000 करोड़ के बराबर है। सार्वजनिक बाजार से जुड़े सौदों को अलग रखने पर मई में कुल 190 विलय एवं अधिग्रहण तथा निजी निवेश सौदे दर्ज किए गए, जिनका कुल मूल्य $10.2 अरब यानी लगभग ₹.87,000 करोड़ रहा। यह अप्रैल की तुलना में सौदों की संख्या में 10 प्रतिशत तथा कुल मूल्य में 53 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।

हालांकि कुल सौदों की संख्या और मूल्य में गिरावट दर्ज हुई, फिर भी बड़े आकार के सौदों ने बाजार को मजबूती प्रदान की। मई महीने में दो ऐसे सौदे हुए जिनका आकार $1 अरब से अधिक था। इनमें एक विलय एवं अधिग्रहण से जुड़ा था जबकि दूसरा निजी निवेश क्षेत्र से संबंधित था। इन दोनों सौदों का संयुक्त मूल्य $4.6 अरब रहा, जो महीने के कुल सौदा मूल्य का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा था। ग्रांट थॉर्नटन भारत की साझेदार शांति विजेता के अनुसार, मई में सौदा गतिविधियां अप्रैल के समान स्तर पर बनी रहीं, जो यह दर्शाती हैं कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय सौदा बाजार में मजबूती और निरंतरता बनी हुई है।

उन्होंने कहा कि औसत सौदा मूल्य में वृद्धि देखने को मिली है क्योंकि बड़े घरेलू उद्योग समूह रणनीतिक अधिग्रहणों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। मई में $50 करोड़ से अधिक मूल्य के 14 बड़े विलय एवं अधिग्रहण सौदे हुए। वहीं निजी निवेशकों द्वारा भी उच्च मूल्य वाले निवेश जुटाने की मजबूत मांग देखी गई, जहां $50 करोड़ से अधिक के 14 निवेश सौदे दर्ज किए गए। रिपोर्ट के अनुसार, पूंजी अब उन क्षेत्रों में केंद्रित हो रही है जहां दीर्घकालिक रणनीतिक महत्व और उच्च मूल्य की संभावनाएं मौजूद हैं। यही कारण है कि कुल सौदों की संख्या में गिरावट के बावजूद निवेशकों की भागीदारी लगातार बनी हुई है।

विलय एवं अधिग्रहण गतिविधियों की बात करें तो मई में कुल 76 सौदे हुए, जिनका मूल्य $6.3 अरब यानी लगभग ₹.54,000 करोड़ रहा। घरेलू सौदों ने कुल सौदा संख्या को सहारा दिया, जबकि अंतरराष्ट्रीय सौदों ने मूल्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कुल विलय एवं अधिग्रहण सौदों में 61 प्रतिशत हिस्सेदारी घरेलू लेनदेन की रही, जिससे विभिन्न क्षेत्रों में रणनीतिक एकीकरण की प्रवृत्ति मजबूत होती दिखाई दी। निजी निवेश गतिविधियां भी काफी सक्रिय रहीं। मई के दौरान 114 निजी निवेश सौदे हुए जिनका कुल मूल्य $3.9 अरब यानी लगभग ₹.33,000 करोड़ रहा। यह वर्ष 2026 के दौरान किसी एक महीने में निजी निवेश सौदों का सबसे ऊंचा मूल्य माना जा रहा है।

प्राथमिक पूंजी बाजार में हालांकि सतर्कता का माहौल बना रहा। मई 2026 में केवल दो आरंभिक सार्वजनिक निर्गम आए, जिनके माध्यम से कुल $214 मिलियन की राशि जुटाई गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी नए शेयर निर्गमों को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। वहीं योग्य संस्थागत प्लेसमेंट गतिविधियां स्थिर रहीं। महीने के दौरान चार निर्गमों के जरिए कुल $568 मिलियन जुटाए गए। इससे यह स्पष्ट होता है कि सूचीबद्ध कंपनियां बदलती बाजार परिस्थितियों के बीच संस्थागत निवेशकों से पूंजी जुटाने को प्राथमिकता दे रही हैं। आरंभिक सार्वजनिक निर्गम और योग्य संस्थागत प्लेसमेंट के माध्यम से कुल $782 मिलियन की राशि जुटाई गई, जिसने महीने के कुल लेनदेन मूल्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

क्षेत्रवार प्रदर्शन में खुदरा एवं उपभोक्ता क्षेत्र निजी निवेश के लिहाज से सबसे सक्रिय रहा। इस क्षेत्र में 30 सौदे हुए जिनका कुल मूल्य $444 मिलियन रहा। उपभोक्ता आधारित कारोबारों और विकास के चरण में मौजूद ब्रांडों के प्रति निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है। बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं क्षेत्र भी निवेशकों को आकर्षित करने में सफल रहा। यह क्षेत्र सौदों की संख्या और मूल्य दोनों के आधार पर प्रमुख क्षेत्रों में शामिल रहा। विनिर्माण क्षेत्र ने भी मजबूत रणनीतिक गतिविधियां दर्ज कीं। मई महीने में विनिर्माण और औषधि क्षेत्र संयुक्त रूप से विलय एवं अधिग्रहण सौदों की संख्या के मामले में शीर्ष पर रहे। दोनों क्षेत्रों में 14-14 सौदे दर्ज किए गए, जिससे यह संकेत मिलता है कि उद्योग जगत विस्तार और क्षमता वृद्धि की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।



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