नई दिल्ली, 19 मई, 2026: भारत के अग्रणी रियल एस्टेट डेवलपरों में शामिल सिग्नेचर ग्लोबल (इंडिया) लिमिटेड ने आज शुद्ध लाभ में साल-दर-साल (YoY) काफी बढ़ोतरी दर्ज की। वित्त वर्ष 2025 में यह ₹1.01 अरब था, जो वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹10.9 अरब हो गया। कंपनी ने राजस्व में भी बढ़ोतरी दर्ज की, जो वित्त वर्ष 2025 के ₹25.0 अरब से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में ₹26.0 अरब हो गया।
कंपनी ने अपनी बैलेंस शीट को मजबूत करना जारी रखा, और वित्त वर्ष 2026 के आखिर में अपना शुद्ध कर्ज 77% घटाकर ₹2.0 बिलियन कर दिया, जबकि वित्त वर्ष 2025 के आखिर में यह ₹8.8 बिलियन था। शुद्ध ऋण अब अपने सबसे निचले ऐतिहासिक स्तर पर है, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दिखाता है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास ₹27.70 बिलियन की नकदी और नकद के बराबर संपत्ति थी, जिससे उसकी भविष्य की विकास योजनाओं को सहारा देने के लिए काफी लिक्विडिटी है; वहीं, साल के दौरान कंपनी की वसूली ₹40.1 बिलियन रही।
वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की प्री-सेल्स ₹82.5 बिलियन रही, जो उसके रेजिडेंशियल पोर्टफोलियो में लगातार बनी हुई मांग को दिखाती है। प्रीमियम बाजारों में अधिक बिक्री और मुख्य क्षेत्रों में कीमतों में बढ़ोतरी की वजह से वित्त वर्ष 2025 में ₹12,457 प्रति वर्ग फुट रहा औसत बिक्री मूल्य वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर ₹15,250 प्रति वर्ग फुट हो गया। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी ने ₹11.1 बिलियन का राजस्व दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में यह ₹ 5.20 बिलियन था; वहीं कर-पश्चात लाभ (PAT) पिछले साल की इसी तिमाही के ₹0.61 बिलियन के मुकाबले बढ़कर ₹11.5 बिलियन हो गया।
कंपनी के परफॉरमेंस पर टिप्पणी करते हुए सिग्नेचर ग्लोबल के चेयरमैन एवं पूर्ण-कालिक निदेशक श्री प्रदीप कुमार अग्रवाल ने कहा, “FY26 सिग्नेचर ग्लोबल के लिए लगातार प्रगति का वर्ष रहा है, जिसकी पहचान बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और बैलेंस शीट के लगातार मज़बूत होने से हुई है। बिक्री से होने वाली अच्छी आय और मजबूत कलेक्शन हमारे मुख्य मार्केटों में ग्राहकों के लगातार भरोसे और मांग को दर्शाते हैं। इस वर्ष के दौरान हमने एक रणनीतिक संयुक्त उद्यम के माध्यम से कमर्शियल रियल एस्टेट क्षेत्र में प्रवेश करके अपने विकास के दायरे का भी विस्तार किया है; यह हमारी दीर्घकालिक विकास रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। आगे बढ़ते हुए हम अनुशासित कार्य-निष्पादन, विवेकपूर्ण वित्तीय प्रबंधन और सभी हितधारकों के लिए स्थायी वैल्यू बनाने पर केंद्रित रहेंगे, साथ ही उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करेंगे।“



