भारत के प्रमुख वाणिज्यिक कार्यालय बाजार में बड़े कार्यालय सौदों का दबदबा लगातार मजबूत बना हुआ है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, Q1 2026 के दौरान 1 लाख वर्गफुट या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले कार्यालय सौदों ने कुल लीजिंग गतिविधियों में 65प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की। यह जानकारी नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, बड़े कार्यालय परिसरों की लीजिंग Q1 2025 के 19 मिलियन वर्गफुट से बढ़कर Q1 2026 में 19.5 मिलियन वर्गफुट तक पहुंच गई, जो सालाना आधार पर 3प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि भारत का वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र लगातार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है और वैश्विक कंपनियां भारत में अपने कारोबार का विस्तार तेजी से कर रही हैं।
बेंगलुरु ने बड़े कार्यालय सौदों के मामले में अपनी अग्रणी स्थिति बरकरार रखी। शहर में Q1 2026 के दौरान 7मिलियन वर्गफुट कार्यालय क्षेत्र की लीजिंग हुई, जो शहर की कुल 9.2 मिलियन वर्गफुट कार्यालय लीजिंग का 77 प्रतिशत हिस्सा रही। विशेषज्ञों का मानना है कि सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की बढ़ती मांग ने बेंगलुरु को सबसे बड़ा कार्यालय बाजार बनाए रखा है। हैदराबाद इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा। यहां बड़े कार्यालय वर्ग में 4.4 मिलियन वर्गफुट की लीजिंग दर्ज हुई, जो पिछले वर्ष के 2.6 मिलियन वर्गफुट की तुलना में 69 प्रतिशत अधिक रही। वहीं मुंबई में 2.9 मिलियन वर्गफुट कार्यालय सौदे हुए और यहां 81 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। मुंबई में बहुराष्ट्रीय कंपनियों और कॉर्पोरेट समूहों द्वारा उच्च गुणवत्ता वाले कार्यालय परिसरों की मांग तेजी से बढ़ रही है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी वायरल देसाई के अनुसार, भारत का कार्यालय बाजार लगातार मजबूत मांग देख रहा है। खासतौर पर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, प्रौद्योगिकी कंपनियां और बहुराष्ट्रीय निगम भारत में अपने संचालन का विस्तार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों में कॉर्पोरेट गतिविधियों में तेजी और आधुनिक कार्यालय ढांचे की मांग के कारण विकास काफी तेज हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि बड़े कार्यालय सौदों में लगातार बनी हुई तेजी यह दर्शाती है कि कंपनियों का भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि पर भरोसा मजबूत बना हुआ है। साथ ही भारत वैश्विक कारोबार केंद्र के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।
मध्यम श्रेणी के कार्यालय परिसरों की बात करें तो 50,000 वर्गफुट से 1लाख वर्गफुट के बीच वाले कार्यालय सौदों की लीजिंग Q1 2026 में 5.2 मिलियन वर्गफुट रही। यह Q1 2025 के 4.1 मिलियन वर्गफुट की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक है। कुल कार्यालय लेनदेन में इस वर्ग की हिस्सेदारी 17प्रतिशत रही। इस श्रेणी में भी बेंगलुरु सबसे आगे रहा, जहां 1.5 मिलियन वर्गफुट कार्यालय लीजिंग दर्ज की गई। इसके बाद हैदराबाद और मुंबई रहे, जहां लगभग 1 मिलियन वर्गफुट क्षेत्रफल की लीजिंग हुई। छोटे कार्यालय परिसरों यानी 50,000 वर्गफुट से कम क्षेत्र वाले कार्यालयों की लीजिंग भी बढ़कर 5.2 मिलियन वर्गफुट तक पहुंच गई। यह पिछले वर्ष के 5मिलियन वर्गफुट की तुलना में 4प्रतिशत अधिक है। इस श्रेणी में मुंबई सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा।




