नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस) भारतीय ऑटो खुदरा उद्योग ने वित्त वर्ष 27 की शुरुआत बेहद मजबूत तरीके से की है। अप्रैल महीने में कुल 26,11,317 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई, जो 12.94 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। यह अब तक का सबसे बेहतर अप्रैल प्रदर्शन माना जा रहा है, जैसा कि फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन्स (फाडा) के आंकड़ों से सामने आया है। दोपहिया वाहन श्रेणी ने लगातार मजबूत प्रदर्शन करते हुए 19,16,258 वाहनों की बिक्री की, जो इस वर्ग के लिए अब तक का सबसे अच्छा अप्रैल रहा। मांग में यह बढ़ोतरी पूरे देश में देखने को मिली, जहां शहरी बाजार में 14.07 प्रतिशत और ग्रामीण बाजार में 12.30 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
FADA के उपाध्यक्ष साई गिरिधर ने बताया कि दोपहिया में 13.01 प्रतिशत, तिपहिया में 7.19 प्रतिशत, यात्री वाहन में 12.21 प्रतिशत, वाणिज्यिक वाहन में 15.02 प्रतिशत और ट्रैक्टर में 23.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि निर्माण उपकरण में 2.25 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। इसके बावजूद छह में से पांच वाहन श्रेणियों ने अप्रैल में अब तक का सर्वोच्च प्रदर्शन किया। उन्होंने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 26 के दूसरे हिस्से में जो मजबूत मांग बनी थी, वही रुझान नए वित्त वर्ष में भी जारी है। वाणिज्यिक वाहन की बिक्री अप्रैल में 99,339 रही। इसमें ग्रामीण बाजार में 20.25 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि शहरी बाजार में 10.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
उप-श्रेणियों की बात करें तो मध्यम वाणिज्यिक वाहन में 27.07 प्रतिशत, हल्के वाणिज्यिक वाहन में 17.76 प्रतिशत और भारी वाणिज्यिक वाहन में 8.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह सभी वर्गों में संतुलित बढ़त को दर्शाता है। आने वाले मई, जून और जुलाई के समय को लेकर डीलरों का भरोसा भी बना हुआ है। लगभग 50.90 प्रतिशत डीलरों को वृद्धि की उम्मीद है, जो पहले के 49.81 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ा अधिक है। इससे यह संकेत मिलता है कि बाजार में मांग अभी भी स्थिर बनी हुई है, हालांकि शादी के मौसम के बाद और त्योहारों के पहले आमतौर पर थोड़ी सुस्ती देखी जाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, 36.46 प्रतिशत डीलरों ने वित्त वर्ष 27 के लिए अपने अनुमान को बढ़ाया है, जबकि 46.21 प्रतिशत ने अपने पुराने अनुमान को बरकरार रखा है। इससे यह स्पष्ट होता है कि मध्यम अवधि में भारत की खपत क्षमता को लेकर भरोसा मजबूत बना हुआ है। कुल मिलाकर, अगले तीन महीनों का दृष्टिकोण संतुलित लेकिन सकारात्मक बना हुआ है। वृद्धि की गति बनी हुई है, हालांकि उद्योग अब पिछले वित्त वर्ष के मजबूत अंतिम चरण के बाद एक संतुलित स्थिति में प्रवेश कर रहा है, जहां उम्मीदें स्थिर हो रही हैं, कमजोर नहीं।

