New Delhi,
फार्मा क्षेत्र की बड़ी कंपनी अल्केम लेबोरेटरीज एक बार फिर नियामकीय जांच के दायरे में आ गई है। अमेरिका की दवा नियामक संस्था USFDA ने कंपनी के Daman Plant में निरीक्षण के बाद कुल 7 आपत्तियां दर्ज की हैं। यह निरीक्षण हाल ही में पूरा हुआ, जिसके बाद कंपनी को Form 483 जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार, यह जांच 12दिन तक चली। निरीक्षण 20April से शुरू होकर 1May तक चला। जांच समाप्त होने पर USFDA अधिकारियों ने कंपनी के संयंत्र में कुछ प्रक्रियागत और गुणवत्ता संबंधी कमियों को लेकर 7 टिप्पणियां दर्ज कीं। Form 483 तब जारी किया जाता है जब निरीक्षण अधिकारी किसी संयंत्र में ऐसी स्थितियां पाते हैं जो दवा निर्माण नियमों, गुणवत्ता प्रणाली, सुरक्षा मानकों या उत्पाद नियंत्रण नियमों के संभावित उल्लंघन से जुड़ी हों। यह अंतिम दंडात्मक आदेश नहीं होता, बल्कि कंपनी से जवाब और सुधारात्मक कदम मांगने की प्रक्रिया होती है।
कंपनी ने स्वीकार किया है कि उसे 7 टिप्पणियां प्राप्त हुई हैं, हालांकि किन मुद्दों पर आपत्तियां उठाई गईं, इसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। अल्केम लेबोरेटरीज ने कहा है कि वह तय समयसीमा के भीतर सभी टिप्पणियों का जवाब देगी और आवश्यक सुधार करेगी। यह जानकारी कंपनी ने 2May,2026 को BSE और National Stock Exchange Of India को आधिकारिक रूप से दी, जैसा कि सूचीबद्ध कंपनियों के लिए नियामकीय नियमों के तहत जरूरी होता है।
गौरतलब है कि कुछ ही सप्ताह पहले कंपनी को इसी Daman Plant के लिए सकारात्मक उपलब्धि मिली थी। मार्च महीने में कंपनी ने बताया था कि उसे Malta Medicines Authority से GMP Compliance Certificate मिला है। यह प्रमाणपत्र 9December,2025 को हुए निरीक्षण के बाद जारी किया गया था। इसमें पुष्टि की गई थी कि संयंत्र European Union के GMP मानकों पर खरा उतरता है। यह प्रमाणपत्र 3वर्ष तक मान्य रहेगा।
उधर, पिछले महीने दवा कंपनी लुपिन को भी USFDA की ओर से Form 483 जारी किया गया था, जिसमें 3 आपत्तियां दर्ज की गई थीं। कंपनी के अनुसार, निरीक्षण 13April से 17April के बीच हुआ था। फार्मा कंपनियों के लिए USFDA निरीक्षण बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं, क्योंकि अमेरिकी बाजार में निर्यात और कारोबार पर इनका सीधा असर पड़ता है। यदि समय पर जवाब और सुधार नहीं किए जाते, तो भविष्य में कड़ी कार्रवाई भी संभव होती है।

