मुंबई,
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और अमेरिका-ईरान के बीच संघर्ष विराम (ceasefire) बढ़ाए जाने की खबर के बीच बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। दोनों कीमती धातुओं में करीब 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में उछाल
Multi Commodity Exchange (MCX) पर 5 जून के सोना अनुबंध ने दिन के दौरान 10 ग्राम पर ₹1,53,699 का उच्च स्तर छुआ, जो 1.33 प्रतिशत यानी ₹2,028 की बढ़त को दर्शाता है। कारोबार के दौरान सोना ₹1,53,052 के निचले स्तर तक भी गया और अंत में ₹1,53,593 पर कारोबार करता दिखा, जो ₹1,922 या 1.27 प्रतिशत की मजबूती को दिखाता है। चांदी के 5 मई अनुबंध में 2 प्रतिशत से अधिक यानी लगभग ₹6,000 की तेजी आई और यह ₹2,50,698 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। सत्र के दौरान चांदी का निचला स्तर ₹2,48,388 रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों में मजबूती देखी गई। वैश्विक स्तर पर सोना 1.13 प्रतिशत बढ़कर 4,773.21 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.97 प्रतिशत बढ़कर 77.99 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखी।
विशेषज्ञों की राय: सीमित दायरे में बना हुआ है बाजार
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया तेजी के बावजूद सोना और चांदी अभी सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं और निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है। MCX पर सोना ₹1,53,000 के ऊपर बना हुआ है और निचले स्तरों पर खरीदारी का समर्थन मिल रहा है, लेकिन अभी यह एक स्थिर दायरे में ही घूम रहा है। यदि कीमत ₹1,55,000 के ऊपर टिकती है, तो यह ₹1,57,000 से ₹1,58,000 तक जा सकती है। वहीं ₹1,52,000 के नीचे आने पर गिरावट बढ़कर ₹1,50,000 से ₹1,48,000 तक पहुंच सकती है। चांदी ₹2,48,000 से ₹2,50,000 के दायरे में कारोबार कर रही है। इसके लिए ₹2,53,000 से ₹2,55,000 का स्तर महत्वपूर्ण रुकावट माना जा रहा है। यदि यह स्तर पार होता है तो कीमत ₹2,60,000 से ₹2,62,000 तक जा सकती है। वहीं ₹2,45,000 के नीचे जाने पर गिरावट बढ़कर ₹2,43,000 से ₹2,40,000 तक आ सकती है। सोना और चांदी की कीमतों में यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक अनिश्चितता के कारण आई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम की समयसीमा को बढ़ा दिया है, हालांकि इसकी अवधि और शर्तें अभी स्पष्ट नहीं हैं। इसके अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भी ट्रंप से आग्रह किया है कि ईरान पर हमलों को लंबे समय तक रोका जाए, ताकि शांति वार्ता के लिए अधिक समय मिल सके।

