आज के कारोबार में भारतीय शेयर बाजार ने लगातार तीन दिन की तेजी के बाद गिरावट के साथ समापन किया। दोपहर के सत्र में ही बाजार पर दबाव बनना शुरू हो गया था, जो अंत तक जारी रहा। Nifty करीब 24,450 के आसपास कारोबार करता दिखा और अंत में 24,400 के नीचे बंद हुआ। वहीं Sensex में भी कमजोरी देखने को मिली।
आईटी कंपनियों में बिकवाली से बाजार पर दबाव
आज की गिरावट का मुख्य कारण सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियों में भारी बिकवाली रही। इस क्षेत्र का सूचकांक लगभग 4.5 प्रतिशत तक गिर गया, जिससे पूरे बाजार की दिशा प्रभावित हुई। प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल रहे। इन कंपनियों में निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में नकारात्मक माहौल बना। वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और आईटी सेवाओं की मांग को लेकर चिंता भी इस गिरावट का कारण मानी जा रही है। जहां मुख्य सूचकांक दबाव में रहे, वहीं मझोले और छोटे शेयरों में मिश्रित रुख देखने को मिला। Nifty Midcap सूचकांक लगभग स्थिर रहा, जबकि Smallcap सूचकांक में करीब 1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक बड़े शेयरों से निकलकर छोटे शेयरों की ओर रुख कर रहे हैं।
कुछ क्षेत्रों में रही मजबूती
आईटी और निजी बैंकिंग क्षेत्र में कमजोरी के बावजूद कुछ क्षेत्रों ने बाजार को सहारा दिया। एफएमसीजी, मीडिया, धातु और रियल एस्टेट क्षेत्रों में 0.4 प्रतिशत से 1 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, एनटीपीसी और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल रहे। इन कंपनियों में खरीदारी के कारण बाजार को कुछ संतुलन मिला। आज का कारोबार यह दर्शाता है कि बाजार में फिलहाल अस्थिरता बनी हुई है। बड़े शेयरों में दबाव और सेक्टर आधारित उतार-चढ़ाव से संकेत मिलता है कि निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करना चाहिए। आने वाले दिनों में वैश्विक संकेत और कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

