नई दिल्ली, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल ने पहली बार किसी भी वर्ष की पहली तिमाही में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार में नेतृत्व किया है। कंपनी ने पहली तिमाही 2026 में 21 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की और साल-दर-साल आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
काउंटरपॉइंट रिसर्च के मार्केट मॉनिटर के प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, एप्पल अपनी अल्ट्रा-प्रीमियम पोजिशनिंग और अत्यधिक एकीकृत आपूर्ति श्रृंखला के कारण मेमोरी संकट से सबसे अधिक सुरक्षित ब्रांड बना हुआ है।
आईफोन 17 सीरीज की लगातार मजबूत मांग, आक्रामक एक्सचेंज कार्यक्रम और मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के चलते, कमजोर व्यापक आर्थिक माहौल के बावजूद कंपनी की कुल बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई।
भारत, चीन और जापान जैसे एशिया-प्रशांत के प्रमुख बाजारों में कंपनी की मजबूत वृद्धि देखी गई, जो इन उच्च संभावनाओं वाले बाजारों में आईफोन की बढ़ती मांग और प्रभावी रणनीतियों को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, पहली तिमाही 2026 में वैश्विक स्मार्टफोन बाजार दबाव में रहा और शिपमेंट में साल-दर-साल 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण डीआरएएम और नैंड मेमोरी घटकों की कमी और कमजोर मांग रहा।
हालांकि कुछ क्षेत्रों में स्थिरता देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुझान सतर्क बना रहा। कंपनियों ने अपनी कीमत निर्धारण और उत्पादन रणनीतियों में बदलाव किए, जिसमें उत्पाद लॉन्च में देरी और कम लॉन्च शामिल हैं, जबकि मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण उपभोक्ताओं ने गैर-जरूरी खरीदारी को टाल दिया।
वहीं, कुछ कंपनियों ने घटकों की कीमतों और लॉजिस्टिक्स लागत में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए पहले से ज्यादा शिपमेंट कर दिए, जिससे कुल गिरावट कुछ हद तक संतुलित हो गई।
सैमसंग की शिपमेंट में पहली तिमाही के दौरान गिरावट आई, हालांकि एस26 सीरीज की शुरुआती मांग मजबूत रही। खासकर अल्ट्रा वेरिएंट को सबसे ज्यादा पसंद किया गया, जो नए हार्डवेयर और एकीकृत एआई फीचर्स की मजबूत मांग को दर्शाता है।
बढ़ती लागत के दबाव को संभालने के लिए सैमसंग ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में बदलाव किए हैं। कंपनी ने एंट्री-लेवल विकल्पों को कम करते हुए उच्च श्रेणी के डिवाइस पर ज्यादा फोकस किया है, जिससे शुरुआती कीमतें बढ़ी हैं और प्रीमियम पोजिशनिंग को मजबूती मिली है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 का आउटलुक कमजोर बना हुआ है, क्योंकि मेमोरी संकट 2027 के अंत तक जारी रह सकता है।
कंपनियां अब वॉल्यूम के बजाय मूल्य पर फोकस करेंगी, जिसमें बेहतर कॉन्फिगरेशन, कम मार्जिन वाले मॉडल्स में कटौती और बजट उपयोगकर्ताओं को बनाए रखने के लिए रिफर्बिश्ड डिवाइस का सहारा लिया जाएगा।

