Sunday, August 9, 2026 |
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भारत-ताइवान व्यापार में तेज वृद्धि, 2025 में 17 प्रतिशत बढ़कर 12.5 अरब डॉलर तक पहुंचा

by Business Remedies
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Growing trade and economic cooperation between India and Taiwan

नई दिल्ली,

भारत और ताइवान के बीच द्विपक्षीय व्यापार में वर्ष 2025 के दौरान मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। Taipei Economic and Cultural Center के आंकड़ों के अनुसार, दोनों देशों के बीच कुल व्यापार में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 12.5 अरब डॉलर के स्तर तक पहुंच गया, जो अब तक का एक महत्वपूर्ण आंकड़ा माना जा रहा है। आंकड़ों के अनुसार, भारत का ताइवान को निर्यात 3.3 अरब डॉलर रहा, जिसमें मुख्य रूप से खनिज ईंधन, एल्यूमिनियम, लोहा, इस्पात, जैविक रसायन और प्लास्टिक शामिल रहे। वहीं ताइवान का भारत को निर्यात 9.2 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिसमें प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक इंटीग्रेटेड सर्किट, प्लास्टिक, जैविक रसायन, विद्युत मशीनरी, लोहा और इस्पात शामिल रहे। इससे स्पष्ट है कि व्यापार संतुलन अभी ताइवान के पक्ष में बना हुआ है, हालांकि भारत के लिए निर्यात बढ़ाने के अवसर मौजूद हैं।

तकनीकी क्षेत्र में ताइवान की मजबूत पकड़

‘Taiwan Excellence’ प्रदर्शनी के शुभारंभ के दौरान Taipei Economic and Cultural Center की आर्थिक प्रभाग की निदेशक एस्टेला चेन ने कहा कि ताइवान अर्धचालक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता सर्वर, AIoT समाधान और एज कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि ये क्षेत्र भविष्य की तकनीकी प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत और ताइवान के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं, जिससे निवेश और व्यापारिक सहयोग को बढ़ावा मिल रहा है। ताइवानी कंपनियां भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, अर्धचालक और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में सक्रिय रूप से निवेश कर रही हैं। वहीं भारतीय कंपनियां ताइवान के सूचना प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अवसर तलाश रही हैं।

डिजिटल भारत और एआई मिशन में सहयोग

ताइवान ने भारत की प्रमुख योजनाओं जैसे डिजिटल इंडिया और इंडिया एआई मिशन में विश्वसनीय भागीदार होने पर गर्व जताया है। स्मार्टफोन और IoT निर्माण से लेकर उन्नत तकनीकी उत्पाद डिजाइन तक, ताइवान अपनी विशेषज्ञता के जरिए भारत के डिजिटल परिवर्तन को समर्थन दे रहा है। वर्तमान में भारत में काम कर रही ताइवानी कंपनियों की संख्या 300 के पार पहुंच चुकी है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और आर्थिक संबंधों को दर्शाता है।

अन्य देशों की तुलना में अभी भी बड़ी संभावनाएं

हालांकि भारत-ताइवान व्यापार में वृद्धि हो रही है, लेकिन ताइवान के अन्य देशों के साथ व्यापार की तुलना में अभी काफी संभावनाएं बाकी हैं। ताइवान का अमेरिका, चीन, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के साथ व्यापार कहीं अधिक है, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत के साथ व्यापार को और बढ़ाया जा सकता है। ताइवान के अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रशासन के अनुसार, भारत और ताइवान दोनों ही महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार हैं और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास और चर्चा कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच पारस्परिक लाभ वाले उपायों पर काम जारी है, जिससे भविष्य में व्यापारिक संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है।



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