Thursday, March 5, 2026 |
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भारत और फिनलैंड के बीच कौशल विकास व कार्यबल गतिशीलता पर उच्च स्तरीय वार्ता

by Business Remedies
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High-level meeting on skill development between representatives of India and Finland

नई दिल्ली,

भारत और फिनलैंड के बीच गुरुवार को कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और कार्यबल गतिशीलता को लेकर उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य दोनों देशों के बीच प्रशिक्षित मानव संसाधन के आदान-प्रदान तथा प्रशिक्षण तंत्र को मजबूत करना रहा।

यह चर्चा कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी और फिनलैंड के रोजगार मंत्री माटियास मार्त्तिनेन के बीच हुई। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम और सुदृढ़ प्रतिभा तंत्र तैयार करने की दिशा में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाती है। जयंत चौधरी ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे युवा और ऊर्जावान कार्यशक्ति के बल पर वैश्विक कौशल केंद्र बनने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश में कौशल प्रशिक्षण का ढांचा तेजी से विस्तृत हो रहा है, जिससे विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि फिनलैंड की तकनीकी और व्यावसायिक विशेषज्ञता, भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति के साथ मिलकर व्यापक संभावनाएं उत्पन्न करती है।

उन्होंने कहा कि वार्ता का मुख्य फोकस प्रशिक्षण प्रणालियों के बीच व्यावहारिक सेतु निर्माण, संस्थागत सहयोग को सशक्त करना तथा प्रशिक्षित युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करना रहा। साथ ही प्रशिक्षण की गुणवत्ता और कार्यबल की सुव्यवस्थित आवाजाही को उच्च मानकों के अनुरूप बनाए रखने पर भी बल दिया गया। फिनलैंड के रोजगार मंत्री माटियास मार्त्तिनेन ने कहा कि उनका देश भारत के साथ व्यावसायिक शिक्षा और कार्यबल विकास के क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी को महत्व देता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिनलैंड की कार्यशक्ति को सुदृढ़ बनाने में उच्च कौशल वाले भारतीय पेशेवरों का योगदान सराहनीय है। उनके अनुसार, भारत की मजबूत कौशल प्रशिक्षण व्यवस्था और युवा प्रतिभा आगे सहयोग के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं, निर्माण क्षेत्र, हरित प्रौद्योगिकी तथा उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की आवश्यकताओं और क्षमताओं के बीच तालमेल पर विशेष चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने संरचित कार्यबल गतिशीलता ढांचा विकसित करने, व्यावसायिक योग्यता की पारस्परिक मान्यता, प्रशिक्षकों की क्षमता निर्माण, भाषा प्रशिक्षण के समावेशन तथा वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल निर्धारण पर जोर दिया। सरकारी बयान के अनुसार, इस बैठक में नैतिक और सतत कार्यबल गतिशीलता को बढ़ावा देने, व्यावसायिक शिक्षा तंत्र को मजबूत करने और संस्थागत साझेदारी के माध्यम से निरंतर संवाद बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।



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