बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली।पिछले एक दशक में भारत के कपड़ा उद्योग ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2014 में 8.4 लाख करोड़ रुपये का रहा टेक्सटाइल सेक्टर अब बढ़कर लगभग 16 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसके साथ ही यह क्षेत्र देश में रोजगार सृजन के सबसे बड़े प्लेटफॉर्मों में से एक बन गया है। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत का घरेलू टेक्सटाइल बाजार भी तेज़ी से विस्तार कर रहा है। यह बाजार 6 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2025 तक 13 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। वहीं, कोविड-19 महामारी के बाद भारत के टेक्सटाइल निर्यात में 25 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है।
मंत्री यह बात राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित इंडिया इंटरनेशनल गारमेंट फेयर (IIGF) के 74वें संस्करण को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह मेला अब केवल भारत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि दुनियाभर के गारमेंट खरीदारों के लिए एक बड़ा और भरोसेमंद वैश्विक मंच बन चुका है। गिरिराज सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने टेक्सटाइल सेक्टर की कई दीर्घकालिक चुनौतियों को दूर किया है। इनमें गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO), RoDTEP और RoSCTL योजनाओं के तहत प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी, आयात शुल्क में अस्थायी कटौती और उलटी ड्यूटी संरचना को दुरुस्त करने जैसे अहम कदम शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने RoDTEP और RoSCTL योजनाओं के माध्यम से कपड़ा उद्योग को अब तक लगभग 50 हजार करोड़ रुपये का समर्थन प्रदान किया है। कठिन वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद उद्योग ने मजबूती और स्थिरता के साथ आगे बढ़ना जारी रखा है। मंत्री ने बताया कि 40 नए देशों में निर्यात बढ़ाने की रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अर्जेंटीना में निर्यात में 77 प्रतिशत, मिस्र में 30 प्रतिशत, पोलैंड और जापान में 20 प्रतिशत, जबकि स्वीडन और फ्रांस में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौता आने वाले दिनों में साइन होने की उम्मीद है, जिससे टेक्सटाइल सेक्टर को और मजबूती मिलेगी। मंत्री ने कहा कि युवा कार्यबल, पर्याप्त कच्चा माल और मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार के बल पर भारत को अपने सभी लक्ष्यों को हासिल करना चाहिए।

