भारत निरंतर अपनी अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रयासरत है, इसके लिए नीत नई योजना लाकर सशक्त बनाने की पहल की जा रही है। भारत के पीएम नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने उद्बोधन में दीपावली से पहले जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा की थी। यह घोषणा उनकी कामयाब रही। इसके बाद उपभोक्ताओं ने जीएसटी दरों में कटौती का इंतजार करते हुए अपनी रसोई के सामान से लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सहित 375 वस्तुओं खरीदारी का फैसला टाल दिया था। दिवाली से पहले यानि बाईस सितंबर से यह प्रभावी हो गई, यह नवरात्रि का पहला दिन था, जो खरीददारी के लिए शुभ माना जाता है। यही कारण रहा कि दीपावली जैसे त्योंहारी सीजन होने के कारण अक्टूबर में जमकर खरीददारी की गई और व्यापारियों की तरफ से भी जीएसटी भरपूर मात्रा में दी गई। इसी कारण से अक्टूबर माह का सकल जीएसटी संग्रह 4.6 फीसदी बढक़र करीब 1.96 लाख करोड़ रुपए हो गया। जो अक्टूबर,2024 के 1.87 लाख करोड़ रुपए के संग्रह से 4.6 प्रतिशत अधिक है। इस साल अगस्त और सितंबर में कर संग्रह क्रमश: 1.86 लाख करोड़ रुपए और 1.89 लाख करोड़ रुपए से थोड़ा कम रहा। आने वाले समय में भारत सरकार की ओर से अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता के लिए ऐसे ही कदम उठते रहे तो निश्चित रूप से देश विकसित श्रेणी में जल्द आ सकेगा।

