सरकार ने दी सफाई
नई दिल्ली: देश में चीनी की कमी को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया कि भारत में घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी स्टॉक मौजूद है। सरकार ने कहा कि अक्टूबर में शुरू होने वाले नए Crushing Season तक देश में चीनी की उपलब्धता बनी रहेगी।
Ethanol उत्पादन को लेकर स्थिति साफ
सरकार ने बताया कि चीनी को Ethanol उत्पादन के लिए डायवर्ट करने की मात्रा में कमी आई है। साल 2022-23 में जहां करीब 12 प्रतिशत चीनी Ethanol उत्पादन में इस्तेमाल हुई थी, वहीं 2025-26 में यह घटकर लगभग 9 प्रतिशत रह गई है। सरकार के अनुसार, देश में बनने वाले Ethanol का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्का से तैयार किया जा रहा है।
चीनी कीमतों में बढ़ोतरी के कारण
सरकार के Factsheet के मुताबिक, अगस्त 2024 से जुलाई 2026 के बीच Retail sugar prices में सालाना आधार पर लगभग 3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई है। हालांकि, हाल के दिनों में कीमतों में तेजी देखी गई है। 20 जुलाई 2026 को चीनी की कीमत 48.18 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो 20 अगस्त 2026 तक बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई।
उत्पादन में गिरावट का असर
सरकार ने बताया कि मौजूदा Season में चीनी उत्पादन करीब 306 LMT रहने का अनुमान है, जबकि शुरुआती अनुमान 343 LMT था। उत्पादन में कमी का कारण गन्ने की फसल में Red Rot और Top Borer बीमारी के साथ अधिक बारिश से जलभराव बताया गया है।
Global Market में भी बढ़ी कीमतें
सरकार के अनुसार, चीनी आपूर्ति में कमी केवल भारत तक सीमित नहीं है। Global sugar deficit 2026-27 में करीब 33 लाख MT रहने का अनुमान है। इसके चलते International sugar prices 30 जून 2026 के 474 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 20 अगस्त 2026 तक 552 डॉलर प्रति टन हो गई हैं।
Ethanol Programme से किसानों को लाभ
सरकार ने कहा कि Ethanol Programme ने गन्ना किसानों और Sugar Mills की आर्थिक स्थिति मजबूत की है। 20 अगस्त 2026 तक 2025-26 Sugar Season के 97 प्रतिशत गन्ना भुगतान किसानों को किए जा चुके हैं। सरकार के मुताबिक, Ethanol diversion ने अतिरिक्त चीनी स्टॉक की समस्या को कम किया है और Sugar Mills की वित्तीय स्थिति बेहतर की है।

