हरिद्वार,
पतंजलि योगपीठ में स्वामी रामदेव जी महाराज और आचार्य बालकृष्ण जी महाराज की उपस्थिति में यज्ञ-अग्निहोत्र और वेदमंत्रों के साथ पतंजलि इमरजेंसी एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल का अनौपचारिक प्रारंभ किया गया।
“आज चिकित्सा विज्ञान के अनुष्ठान का नया अध्याय प्रारंभ हो रहा है। यह हॉस्पिटल कॉरपोरेट हॉस्पिटल नहीं है, बल्कि रोगियों की सेवा का मॉडल है,”
— स्वामी रामदेव जी।
🌿 Integrative Medicine का नया दृष्टिकोण
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हॉस्पिटल में आयुर्वेद, योग और मॉडर्न मेडिकल साइंस का समन्वय।
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केवल जरूरी मामलों में आधुनिक चिकित्सा का उपयोग, बाकी में पारंपरिक चिकित्सा।
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चिकित्सक का लक्ष्य: रोगी को निरोग करना, किसी विशेष पैथी को नहीं।
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आचार्य बालकृष्ण जी के अनुसार, चिकित्सा के लिए मॉडर्न मेडिकल साइंस मात्र 20% पर्याप्त है, बाकी 80% पारंपरिक चिकित्सा।
⚙️ आधुनिक सुविधाएँ और सर्जरी व्यवस्था
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ब्रेन, हार्ट और स्पाइन जैसी जटिल सर्जरी की सुविधा।
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MRI, CT Scan, X-ray, Ultrasound, Pathological Tests की सुविधा उपलब्ध।
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रोगियों को हॉस्पिटल के मनमाने पैकेज से छुटकारा, लागत नियंत्रण में।
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प्रतिदिन सैकड़ों रोगियों की सर्जरी और क्रिटिकल केयर की व्यवस्था।
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भविष्य में कैंसर सर्जरी की सुविधा भी प्रदान करने की योजना।
🧑⚕️ डॉक्टर्स और स्टाफ
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डॉ. सुनील अहूजा, डॉ. एन.पी. सिंह, डॉ. साध्वी देवप्रिया, अन्य विशेषज्ञ।
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इमरजेंसी, ICU, न्यूरो, ऑर्थोपेडिक, एनेस्थिसिया, कार्डियोलॉजी, जनरल सर्जरी, रेडियोलॉजी, दंत चिकित्सा और पैथोलॉजी विभाग के प्रमुख और स्टाफ मौजूद।
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हॉस्पिटल में पारंपरिक और आधुनिक चिकित्सा का त्रिवेणी संगम।
💡 मिशन और दृष्टि
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Integrated Medical System का उदाहरण स्थापित करना।
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Evidence-based आयुर्वेद और योग के लिए विश्वस्तरीय अनुसंधान केंद्र।
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न्यूक्लियर मेडिसिन और पर्सनलाइज्ड मेडिसिन में शोध।
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उद्देश्य: रोगियों को सुरक्षित, सुलभ और समग्र आरोग्य प्रदान करना।
“हमारा एकमात्र टार्गेट है – रोगियों को आरोग्य प्रदान करना। किसी भी पैथी या व्यापार के लिए नहीं,”
— आचार्य बालकृष्ण जी।




