बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। कुंजेश कुमार पतसारिया | झोटवाड़ा क्षेत्र के बीच बाजार में स्थित भैरूलाल रामप्रकाश ज्वैलर्स शॉप ने अपनी अलग पहचान कायम की है। करीब ६६ वर्षों से स्थापित इस शॉप को अब तीसरी पीढ़ी नई-नई डिजायनों व वैरायटी के जरिए सुचारू रूप से संचालित कर रही है। इसकी शुरुआत वर्ष,१९५९ में भैरूलाल जी प्रजापत ने की। उसके बाद रामप्रकाश प्रजापत और अब तीसरी पीढ़ी अर्जुन प्रजापत इसे संभाल रहे हैं। अर्जुन प्रजापत बताते हैं कि ज्वैलरी का व्यवसाय हमारा पुस्तैनी है। शुरुआत में यह छोटी-सी शॉप थी, लेकिन अब इसे विस्तारित कर इसे काफी बड़ी कर ली है। हमारी शॉप पर सभी तरह के नई-नई डिजायनों और फैशनेबल ज्वैलरी आइटम गोल्ड, सिल्वर और डायमंड में उपलब्ध हैं। वे कहते हैं कि दादाजी व पिताजी से ही ज्वैलरी व्यवसाय का काम सीखा। उन्हीं के मार्गदर्शन और आदर्श से हमने झोटवाड़ा क्षेत्र में ज्वैलरी मार्केट में अपना मुकाम स्थापित किया है। आने वाले समय में इसे और विस्तारित करने की चाहत रखते हैं।
आपकी शैक्षणिक गतिविधियों को बताएं। कहां से शिक्षा ग्रहण की और कहां तक की है?
मैंने जयपुर से बीबीए करने के बाद मैं अपने पुस्तैनी व्यवसाय से जुड़ गया। पूरी तरह से ज्वैलरी के व्यवसाय को संभालने लग गया।
ज्वैलरी व्यवसाय करने की प्रेरणा आपको कहां से मिली? इसका अनुभव कहां से लिया और व्यवसाय में किस तरीके की सेवाएं देते हैं?
ज्वैलरी व्यवसाय करने की प्रेरणा मुझे अपने दादाजी भैरूलालजी से मिली, उसके बाद पिताजी रामप्रकाशजी और मैं इसे संभाल रहे हैं। बचपन से ही मुझे अपने पुस्तैनी व्यवसाय के प्रति रूझान हो गया था। दादाजी और पिताजी से ही इसके गुर मैंने सीखे, उसके बाद पिछले नौ वर्षों से इस ज्वैलरी व्यवसाय को नए तौर तरीकों से संभाल रहा हूं। हम रिटेल में जेवरात, डायमंड, पोलकी, कुंदन, जड़ाऊ और रंगीन रत्न व स्टोन्स की बिक्री करते हैं।
वर्तमान में प्रतिस्पर्धा के युग में आपके समक्ष कोई चुनौतियां सामने आई, अगर आई तो उसका समाधान किस तरह से किया?
हरेक व्यवसाय में चुनौती तो आती ही है, पर हम इससे घबराए नहीं है। नित नए बदलाव व परिवर्तन आते रहते हैं। पर मार्केट के आधार पर हम सभी तरह की वैरायटी रखने का प्रयास करते रहते हैं, ताकि ग्राहक को सभी तरह की वैरायटी मिल सके। नए एडवेंचर के साथ हम अपने व्यवसाय को बढ़ाने का प्रयास करते रहते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि हम क्वॉलिटी और नई-नई डिजाइनों पर विशेष ध्यान देते हैं। इससे ग्राहक भी आकर्षित होते हैं।
सामाजिक सरोकार के कोई कार्य किए हो तो बताएं।
हम समय-समय पर गरीबों व आर्थिक दृष्टि से कमजोर लोगों को सहयोग और मदद करते रहते हैं। कोरोना के समय भी हमने गरीबों को भोजन, वस्त्र और दवाईयों का वितरण नि:शुल्क किया था।
आपके आदर्श कौन हैं?
मेरे आइडियल पिताजी रामप्रकाशजी प्रजापत हैं। उनके सिद्धांतों व आदर्शों पर चलने का निरंतर प्रयास करता रहता हूं।
भविष्य में व्यवसाय को कहां तक विस्तार देना चाहते हैं?
व्यवसाय को लगातार हम विस्तार करने में लगे हुए हैं। नई-नई डिजाइनों के साथ हम अपने व्यवसाय को बढ़ाने की चाहत रखते हैं। आने वाले समय में इसकी अन्य जगहों पर भी ब्रांच खोलने की उम्मीद रखते हैं।
नए युवाओं को व्यवसाय शुरू करने के लिए क्या सुझाव देना चाहेंगे, जिससे वह अपने व्यवसाय को उत्तरोतर बढ़ा सकें?
मेरा युवाओं से यही सुझाव है कि वे अपने व्यवसाय में अच्छा मैनेजमेंट रखें और साथ ही क्वॉलिटी और मार्केट में आ रही नई-नई डिजाइनों का समावेश करने पर विशेष ध्यान दें। तभी उनका व्यवसाय सफल होकर उत्तरोतर बढ़ पाएगा।
सरकार से आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, ताकि आपके व्यवसाय को और गति मिल सके?
ज्वैलरी व्यवसाय में आए-दिन आने वाले भावों के उतार-चढ़ाव में स्थिरता बनी रहनी चाहिए, ताकि ज्वैलरी व्यवसाईयों को कठिनाईयों का सामना नहीं करना पड़े। इसके अलावा व्यवसाईयों को सरकार रिहायती दरों पर जमीन उपलब्ध कराकर बिजली की दरों को कम करे, ताकि व्यवसाईयों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े।

