New Delhi | बिजनेस रेमेडीज | केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने सोमवार को कहा कि India द्वारा किए जा रहे नए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) देश में Manufacturing और Innovation को नई गति दे रहे हैं। इन समझौतों के जरिए भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के नए अवसर खुल रहे हैं। उन्होंने छात्रों से व्यावहारिक कौशल विकसित करने और तकनीक-आधारित शिक्षा को अपनाने की अपील की, ताकि वे इन उभरते अवसरों का पूरा लाभ उठा सकें।
राष्ट्रीय राजधानी से Indian Institute of Management (IIM) Udaipur के ऑनलाइन द्विभाषी Bachelor of Business Administration (BBA) कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को वर्चुअली संबोधित करते हुए Piyush Goyal ने कहा कि देश के युवाओं को इन व्यापार समझौतों से मिलने वाले अवसरों के लिए अभी से खुद को तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा, “विकसित भारत के लिए दुनिया के दरवाजे छात्रों के लिए खुले हैं।”
उनके अनुसार, नए FTA न केवल Manufacturing सेक्टर को मजबूत कर रहे हैं, बल्कि Innovation को भी नई प्राथमिकता दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे केवल कक्षा की पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करें, ताकि वे तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।
शिक्षा में तकनीक की भूमिका पर जोर देते हुए Piyush Goyal ने कहा कि India में लगभग 100 करोड़ Internet Users हैं और यह संख्या National Education Policy (NEP) के अनुरूप डिजिटल माध्यमों से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का शानदार अवसर प्रदान करती है।
उन्होंने IIM Udaipur के ऑनलाइन द्विभाषी BBA कार्यक्रम को एक अनूठी पहल बताते हुए कहा कि इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच की दूरी कम होगी।
अब प्रतिभाशाली छात्र अपनी भौगोलिक स्थिति या आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना उच्च गुणवत्ता वाली प्रबंधन शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
Piyush Goyal ने कहा कि इस कार्यक्रम के हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होने से देश के विभिन्न क्षेत्रों के छात्रों को अपनी सुविधा की भाषा में IIM स्तर की शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा, “अब IIM की कक्षाएं स्क्रीन पर दिखाई देंगी।”
उनके मुताबिक, Bhilwara के किसी छोटे दुकानदार से लेकर Bastar जैसे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्र भी लैपटॉप, स्मार्टफोन या अन्य डिजिटल उपकरणों के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़ सकेंगे। हालांकि पढ़ाई ऑनलाइन होगी, लेकिन पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने के लिए परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी।
उन्होंने कार्यक्रम के Hybrid Learning Model को और प्रभावी बनाने के लिए भी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर शिक्षकों और छात्रों के बीच प्रत्यक्ष मुलाकातें आयोजित की जानी चाहिए, क्योंकि प्रबंधन शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती। इसमें साथियों के साथ सीखने, विचारों के आदान-प्रदान और मजबूत नेटवर्किंग की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

