पहली तिमाही में पीसी शिपमेंट 62.8 मिलियन यूनिट पहुंचा
वास्तविक मांग से ज्यादा स्टॉकिंग ने बढ़ाई ग्रोथ
जयपुर | बीआर न्यूज नेटवर्क | 2026 की पहली तिमाही में वैश्विक पीसी शिपमेंट में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह आंकड़ा 62.8 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया। हालांकि गार्टनर की रिपोर्ट के अनुसार यह वृद्धि वास्तविक मांग की बजाय कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स द्वारा पहले से स्टॉक जमा करने की रणनीति का नतीजा ज्यादा है।
स्टॉकिंग से बढ़ी ग्रोथ
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनियों ने दूसरी तिमाही में कंपोनेंट्स की कीमतें बढऩे की आशंका के चलते पहले ही बड़े पैमाने पर स्टॉक कर लिया। मेमोरी और अन्य हार्डवेयर महंगे होने के डर ने इस ट्रेंड को और तेज किया, जिससे शिपमेंट आंकड़े ऊपर दिखाई दिए। खासतौर पर डीआरएएम और नैंड फ्लैश जैसे कंपोनेंट्स की संभावित महंगाई ने सप्लाई चेन में असंतुलन पैदा किया, जिसका असर सीधे बाजार के आंकड़ों पर दिखा।
कंपनियों की स्थिति स्थिर
वैश्विक रैंकिंग में लेनोवो ने अपनी शीर्ष स्थिति बरकरार रखी, जबकि एचपी दूसरे स्थान पर रही। डेल टेक्नोलॉजीज ने इस तिमाही में अपना मार्केट शेयर बढ़ाया, जिससे प्रतिस्पर्धा और मजबूत हुई। बाजार में टॉप कंपनियों के बीच बड़ा बदलाव नहीं दिखा, लेकिन छोटे खिलाडय़िों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है।
एप्पल की तेज बढ़त
एप्पल ने 12.7 प्रतिशत सालाना वृद्धि के साथ सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की। इसकी मैकबुक नियो सीरीज की मजबूत मांग, खासकर शिक्षा क्षेत्र और नए यूजर्स के बीच, कंपनी की सफलता का प्रमुख कारण रही। कंपनी की रणनीति कम कीमत में बेहतर परफॉर्मेंस वाले डिवाइस उपलब्ध कराने पर केंद्रित रही, जिससे इसकी पकड़ और मजबूत हुई। इसके अलावा, विशेषज्ञों का मानना है कि यह वृद्धि अस्थायी हो सकती है और आने वाली तिमाहियों में वास्तविक मांग का सही आंकलन सामने आएगा। यदि कंपोनेंट्स की कीमतें स्थिर रहती हैं और सप्लाई चेन सामान्य होती है, तो बाजार में संतुलित ग्रोथ देखने को मिल सकती है। साथ ही, एआई आधारित पीसी और नए टेक्नोलॉजी अपग्रेड भी भविष्य में इस सेक्टर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

