व्यक्तिगत व्यवसाय असहभागी (नॉन पार) एपीई 47.44% बढ़कर ₹10,045 करोड़ हो गया।
व्यक्तिगत व्यवसाय में असहभागी (नॉन पार) एपीई का हिस्सा वित्त वर्ष 26 के नौ माह में 36.46% रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 के नौ माह में यह 27.68% था।
व्यक्तिगत व्यवसाय एपीई (APE) 11.95% से बढ़कर ₹27,552 करोड़ हो गया और समूह व्यवसाय एपीई (APE) 23.14% से बढ़कर ₹16,455 करोड़ हो गया।
समग्र एपीई 15.88% से बढ़कर ₹44,007 करोड़ हो गया।
नव व्यवसाय का मूल्य (वीएनबी) 27.96% से बढ़कर ₹8,288 करोड़ हो गया।
बीएनबी मार्जिन (नेट) 170 बीपीएस की वृद्धि के साथ 18.8% हो गया।
नव व्यवसाय प्रीमियम आय (व्यक्तिगत) 5.89% से बढ़कर ₹44,941 करोड़ हो गई।
सकल समूह व्यवसाय प्रीमियम आय 13.56% से बढ़कर ₹1,35,302 करोड़ हो गई।
सकल प्रीमियम आय 9.02% से बढ़कर ₹3,71,293 करोड़ हो गई
व्यक्तिगत नव व्यवसाय प्रीमियम में बैंकएश्योरेंस और वैकल्पिक चैनलों का हिस्सा वित्त वर्ष 2025 के नौ माह के 4.73% से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 के नौ माह के लिए 7.45% हो गया।
एयूएम 8.01% बढ़कर ₹59, 16,680 करोड़ हो गया।
सॉल्वेंसी अनुपात 2.02 से बढ़कर 2.19 हो गया।
व्यय अनुपात वित्त वर्ष 2025 के नौ माह के 12.97% से वित्त वर्ष 2026 के नौ माह के लिए 132 बीपीएस घटकर 11.65% हो गया।
मुंबई, 6 फरवरी, 2026: भारतीय जीवन बीमा निगम (“एलआईसी”) के निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त नौ माह के लिए एकल और समेकित वित्तीय परिणामों को अनुमोदित किया एवं उन्हें स्वीकृति प्रदान की। नीचे हमारे एकल परिणामों के मुख्य अंश दिए गए हैं।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कर पश्चात लाभ (PAT) ₹33,998 करोड़ रहा, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह ₹29,138 करोड़ था, जिससे 16.68% की वृद्धि दर्ज की गई।
प्रथम वर्ष प्रीमियम आय (FYPI) (IRDAI के अनुसार) के आधार पर बाजार हिस्सेदारी के संदर्भ में, एलआईसी भारतीय जीवन बीमा व्यवसाय में अग्रणी बनी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए एलआईसी की कुल बाजार हिस्सेदारी 57.07% रही, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह 57.42% थी।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में, व्यक्तिगत व्यवसाय में एलआईसी की बाजार हिस्सेदारी 35.84% और समूह व्यवसाय में 71.36% रही।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कुल प्रीमियम आय ₹3,71,293 करोड़ रही, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह ₹3,40,563 करोड़ थी, जिससे 9.02% की वृद्धि दर्ज की गई।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए व्यक्तिगत नव व्यवसाय प्रीमियम आय ₹44,941 करोड़ रही, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह ₹42,441 करोड़ थी, जिससे 5.89% की वृद्धि हुई। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए व्यक्तिगत नवीनीकरण प्रीमियम आय ₹1,91,050 करोड़ रही, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह ₹1,78,975 करोड़ थी, जिससे 6.75% की वृद्धि दर्ज की गई। इस प्रकार, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कुल व्यक्तिगत व्यवसाय प्रीमियम ₹2,35,991 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹2,21,416 करोड़ था, और इसमें 6.58% की वृद्धि दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए समूह व्यवसाय की कुल प्रीमियम आय ₹1,35,302 करोड़ रही, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह ₹1,19,147 करोड़ थी, जिससे 13.56% की वृद्धि हुई।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के दौरान व्यक्तिगत सेगमेंट में कुल 1,16,63,856 पॉलिसियों बेची गईं, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में 1,17,10,505 पॉलिसियाँ बेची गई थीं, जिससे 0.40% की कमी दर्ज की गई।
वार्षिकीकृत प्रीमियम समतुल्य (APE) के आधार पर, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कुल प्रीमियम ₹44,007 करोड़ रहा। इसमें से 62.61% (₹27,552 करोड़) व्यक्तिगत व्यवसाय से और 37.39% (₹16,455 करोड़) समूह व्यवसाय से प्राप्त हुआ। व्यक्तिगत व्यवसाय के अंतर्गत, APE के आधार पर सहभागी (Par) उत्पादों की हिस्सेदारी 63.54% (₹17,507 करोड़) रही, जबकि शेष 36.46% (₹10,045 करोड़) असहभागी (Non-Par) उत्पादों से प्राप्त हुई। व्यक्तिगत असहभागी APE 31 दिसंबर 2025 को समान नौ महीनों की अवधि में बढ़कर ₹10,045 करोड़ हो गया, जो 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में ₹6,813 करोड़ था, जिससे 47.44% की वृद्धि दर्ज की गई। इस प्रकार, APE के आधार पर व्यक्तिगत व्यवसाय में असहभागी उत्पादों की हिस्सेदारी 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में बढ़कर 36.46% हो गई, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह 27.68% थी।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए नए व्यवसाय का मूल्य (VNB) ₹8,288 करोड़ रहा, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह ₹6,477 करोड़ था, जिससे 27.96% की वृद्धि दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए शुद्ध वीएनबी (VNB) मार्जिन 170 आधार अंक बढ़कर 18.8% हो गया, जो 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में 17.1% था।
31 दिसंबर 2025 को कंपनी का सॉल्वेंसी अनुपात बढ़कर 2.19 हो गया, जबकि 31 दिसंबर 2024 को यह 2.02 था।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए प्रीमियम के आधार पर 13वें माह और 61 वें माह की स्थायित्व (Persistency) दरें क्रमशः 75.75% और 61.09% रहीं। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में तुलनात्मक स्थायित्व दरें क्रमशः 76.66% और 61.84% थीं।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए पॉलिसियों की संख्या के आधार पर 13वें माह और 61वें माह की स्थायित्व दरें क्रमशः 64.28% और 49.06% रहीं। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में तुलनात्मक स्थायित्व दरें क्रमशः 66.47% और 49.22% थीं।
31 दिसंबर 2025 को परिसंपत्तियों का प्रबंधनाधीन मूल्य (AUM) बढ़कर ₹59,16,680 करोड़ हो गया, जबकि 31 दिसंबर 2024 को यह ₹54,77,651 करोड़ था, जिससे वर्ष-दर-वर्ष 8.01% की वृद्धि दर्ज की गई।
31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कुल व्यय अनुपात 132 आधार अंक घटकर 11.65% हो गया, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह 12.97% था।
अवास्तविक लाभ को छोड़कर पॉलिसीधारकों की निधियों पर निवेश से प्राप्त प्रतिफल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में 8.77% रहा, जबकि 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि में यह 8.82% था।
आर. दुरैस्वामि सीईओ एवं एमडी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने कहा: :-
“जीवन बीमा उद्योग में उपभोक्ताओं और कंपनियों- दोनों ने सरकार की विभिन्न पहलों, विशेष रूप से जीएसटी 2.0, के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। एलआईसी में हमने मात्रा-वृद्धि (वॉल्यूम ग्रोथ) के साथ-साथ उत्पाद एवं चैनल विविधीकरण के बेहतर मानकों को हासिल करते हुए अपने प्रदर्शन को और सुदृढ़ किया है। 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ माह की अवधि में, व्यक्तिगत व्यवसाय के भीतर नॉन-पार (Non-Par) का हिस्सा एपीई (APE) आधार पर बढ़कर 36.46% हो गया है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 27.68% था। इसके अतिरिक्त, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त नौ माह की अवधि के लिए बीएनबी (VNB) मार्जिन भी बढ़कर 18.8% हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 17.1% था।
जहाँ हम विभिन्न उन्नत डिजिटल परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं, वहीं ‘बीमा सखी योजना’ के माध्यम से महिला अभिकर्ताओं (एजेंट्स) की एक सशक्त फोर्स तैयार करने पर भी हमारा विशेष फोकस रहा है, ताकि ग्रामीण भारत में अधिक ग्राहकों तक पहुंचा जा सके। 31 दिसंबर 2025 तक, 2,97,028 महिलाओं को बीमा सखी के रूप में नियुक्त किया जा चुका है। हमारी चैनल विविधीकरण यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पहलू व्यक्तिगत नवव्यवसाय प्रीमियम के कुल मिश्रण में बैंकएश्योरेंस (बैंका) और वैकल्पिक चैनलों की बढ़ती हिस्सेदारी है। आगे बढ़ते हुए, हमें अपने व्यवसाय के सभी खंडों की विकास संभावनाओं पर पूरा विश्वास है। एलआईसी ‘2047 तक सबके लिए बीमा के राष्ट्रीय उद्देश्य को प्राप्त करने हेतु अपने प्रयासों को समर्पित करते हुए, अपने सभी हितधारकों के निरंतर विश्वास के लिए आभारी है।”

