नई दिल्ली। हरियाणा के फरीदाबाद आधारित स्ट्रक्चरल वॉटरप्रूफिंग, इंजेक्शन/ग्राउटिंग सेवाएं और प्रीकास्ट कंक्रीट कार्य करने वाली प्रमुख कंपनी ‘वैलप्लास्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड’ ने शेयर बाजारों को सूचित किया है कि कंपनी राजस्थान के अलवर में वॉटरप्रूफिंग अनुप्रयोगों के लिए पीवीसी मेम्ब्रेन की निर्माण इकाई स्थापित करने जा रही है। कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अपने वॉटरप्रूफिंग समाधानों की बढ़ती बाजार मांग को पूरा करने के लिए एक नई विनिर्माण इकाई स्थापित कर रही है। प्रस्तावित इकाई मुख्य रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, कंस्ट्रक्शन और औद्योगिक क्षेत्रों में वॉटरप्रूफिंग अनुप्रयोगों के लिए उपयोग किए जाने वाले पीवीसी मेम्ब्रेन (2 मिमी मोटाई) के निर्माण पर केंद्रित होगी। इस इकाई को प्लॉट संख्या F-115-B, MIA (औद्योगिक क्षेत्र), अलवर, राजस्थान पर स्थापित किया जा रहा है।
यह इकाई कंपनी के बैकवर्ड इंटीग्रेशन और घरेलू व निर्यात दोनों बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए क्षमता विस्तार के उद्देश्य में सहयोग करेगी। इस इकाई की वार्षिक क्षमता 1800000 वर्ग मीटर प्रतिवर्ष और 6000 वर्ग मीटर प्रतिदिन (दो शिफ्ट) है। कंपनी प्रबंधन के अनुसार यह संयंत्र कंपनी की मेम्ब्रेन के निर्माण की क्षमता को बढ़ाएगा जो आंतरिक खपत और बाहरी बिक्री दोनों को समर्थन देगा। इससे परिचालन क्षमताओं और व्यावसायिक विकास पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
संयंत्र पर आईपीओ से प्राप्त पूंजी से 3.5 करोड रुपए निवेश किए जा रहे हैं। इसमें मशीनरी, संयंत्र स्थापना, लीजहोल्ड सुधार और संबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत शामिल है। इकाई में 1 जनवरी 2026 से परिचालन शुरू होने की संभावना है। इकाई में ट्विन स्क्रू एक्सट्रूडर, कैलेंडर, डाई हेड, कूलिंग रोलर, वाइन्डर, मिक्सर, एयर कंप्रेसर, कूलिंग टावर आदि मशीनें स्थापित की गई है।
कारोबारी गतिविधियां: 2014 में स्थापित, वैलप्लास्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड एक सिविल इंजीनियरिंग और निर्माण कंपनी है जो स्ट्रक्चरल वॉटरप्रूफिंग, इंजेक्शन/ग्राउटिंग सेवाओं और प्रीकास्ट कंक्रीट कार्यों में संलग्न है। कंपनी जियोमेम्ब्रेन की थर्मोप्लास्टिक वेल्डिंग, शीट वॉटरप्रूफिंग इंस्टॉलेशन, लिक्विड और स्प्रे-एप्लाइड वॉटरप्रूफिंग, रासायनिक और सीमेंटयुक्त ग्राउटिंग/इंजेक्शन कार्य, ग्राउंड स्टेबिलाइज़ेशन और विशेष ड्रिलिंग सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी 9 राज्यों में कार्यरत है और रक्षा, रेलवे और बुनियादी ढाँचे से संबंधित 40 से अधिक परियोजनाओं को पूरा कर चुकी है। कंपनी रणनीतिक रूप से उच्च मांग वाले क्षेत्रों में विस्तार कर रही है और पूरे भारत में अपनी कार्यान्वयन क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रही है।

