नई दिल्ली | बीआर न्यूज नेटवर्क | विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पाने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ना आवश्यक है और इसमें निजी क्षेत्र से बड़ा निवेश और मजबूत निर्यात वृद्धि अहम भूमिका निभाएंगे। यह बयान प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति (EAC-PM) के चेयरमैन Mahendra Dev ने मंगलवार को दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में FICCI India के एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, निजी क्षेत्र से निवेश और निर्यात में बढ़ोतरी, दोनों ही बहुत जरूरी हैं। Mahendra Dev ने आगे कहा कि पिछले कुछ सालों में किए गए ढांचागत सुधारों ने इस दिशा में आगे बढ़ने की नींव रखी है।
GDP 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान
सांख्यिकी मंत्रालय के हालिया आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में भारत की GDP Growth 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है। कृषि, निर्माण और सेवा क्षेत्रों के शानदार प्रदर्शन की वजह से पूरे वित्त वर्ष के लिए वृद्धि दर 7.7 प्रतिशत रही।
सरकारी बयान के अनुसार, इस दौरान द्वितीयक क्षेत्र में 8.8 प्रतिशत की मजबूत Growth दर्ज की गई, जबकि तृतीयक क्षेत्र में 9.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, प्राथमिक क्षेत्र में 3.2 प्रतिशत की Growth दर्ज की गई, जो मुख्य रूप से कृषि और मत्स्य पालन क्षेत्रों के प्रदर्शन से प्रेरित थी।
कई क्षेत्रों में रही दोहरी अंकों की Growth
सरकारी बयान के अनुसार, 2025-26 के दौरान Manufacturing, Trade, Repair, Hotel, Transport, Communication and Broadcasting, Storage, Finance, Real Estate और Professional Service Sector से जुड़ी सेवाओं में दोहरे अंकों की Growth दर्ज की गई है।
बड़े Infrastructure Projects में सरकार का निवेश
Highway, Railway, Port और Airport जैसे बड़े Infrastructure Projects में सरकार द्वारा किए गए भारी निवेश को दिखाता है। इन निवेशों ने Growth Rate को बढ़ाने में मदद की है, जबकि Global मंदी के बीच भी भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
ढांचागत सुधारों से मिली मजबूती
Mahendra Dev ने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकार द्वारा किए गए बड़े ढांचागत सुधारों ने देश की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत नींव दी है। इन्हीं सुधारों का नतीजा है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में बनी हुई है।
GDP के शानदार आंकड़े
इस बयान के बीच, देश की आर्थिक वृद्धि दर को लेकर बेहद सकारात्मक अनुमान सामने आए हैं। त्रैमासिक विकास दर वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में भारत की GDP Growth 7.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है।
इंटरनेशनल मार्केट थोड़ी सी सुधर जाए और Hormuz खुल जाए और Iran वाला युद्ध बंद हो जाए तो हम GDP को आठ प्लस ले जा सकते हैं। अगर माहौल ठीक नहीं होगा तो Crude के हालात तो आप देख ही रहे हैं। अरब देशों को निर्यात रुका पड़ा है। Europe भी रुका हुआ है। निर्यात चालू होना जरूरी है। विकसित भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माहौल सकारात्मक होना जरूरी है। हम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर सकते हैं।
- Suresh Agrawal, अध्यक्ष, FORTI
इस लक्ष्य को पाने के लिए निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि करना आवश्यक है। निर्यात रोजगार सर्जन, Manufacturing मजबूती, नवाचार को बढ़ावा तथा भारतीय लोगों को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण साधन है। इसके लिए सरकार व उद्योग जगत को मिलकर कार्य करना होगा। विशेष रूप से MSME इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाना होगा। Rajasthan जैसे राज्य जहां Engineering, Handicraft, Gems and Jewellery, रत्न एवं आभूषण जैसे अनेक क्षेत्रों में निर्यात की अपार क्षमता रखते हैं। इन सभी चीजों से भारत अपने विकसित भारत के लक्ष्य को साकार कर सकेगा।
- Bhupendra Singh, Rajasthan Head, FIEO

