Wednesday, July 8, 2026 |
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वियतनाम जुड़ेगा भारत के यूपीआई से राष्ट्रपति तो लाम से वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी जानकारी, समझौते पर हुए हस्ताक्षर

by Business Remedies
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मुंबई | बीआर न्यूज नेटवर्क | भारत का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) जल्द ही वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। यह जानकारी वियतनाम के राष्ट्रपति To Lam से द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi की ओर से दी गई। इसके लिए Reserve Bank of India (RBI) और State Bank of Vietnam (SBV) के बीच समझौता ज्ञापन भी हस्ताक्षर हुए है, जिसके तहत दोनों देशों के केंद्रीय बैंक पेमेंट सिस्टम और डिजिटल पेमेंट इनोवेशन में सहयोग करेंगे।

व्यापार को 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री Modi ने कहा कि भारत और वियतनाम ने फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत भारत का यूपीआई और फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही लिंक होंगे। इसके अलावा भारत और वियतनाम ने द्विपक्षीय व्यापार को वर्ष, 2030 तक 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनशिप के जरिए आगे बढ़ाने निर्णय
पीएम Modi ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और ऊर्जा सहयोग में नई पहलों के माध्यम से हम दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती सुनिश्चित करेंगे, क्योंकि दोनों देशों ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनशिप के जरिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

वैश्विक स्तर पर अग्रणी बना भारत
यूपीआई वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है, जिससे भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच से प्रेषण में वृद्धि हो रही है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।

यूपीआई लेनदेन की संख्या में होती बढ़ोतरी
यूपीआई लेनदेन की संख्या अप्रैल में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढक़र 22.35 अरब हो गई है। वहीं, इनकी वैल्यू सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढक़र 29.03 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यूपीआई ने 2016 में लॉन्च होने के बाद से अब तक का सबसे अधिक मासिक लेनदेन 22.64 अरब दर्ज किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारत के प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म ने पिछले एक दशक में लेनदेन की मात्रा में लगभग 12,000 गुना की असाधारण वृद्धि दर्ज की है।

यह कैसे काम करेगा?
सिस्टम-टू-सिस्टम इंटीग्रेशन: भारत का यूपीआई और वियतनाम का NAPAS तकनीकी रूप से आपस में जोड़े जाएंगे। यानी दोनों देशों के पेमेंट स्विच एक-दूसरे से बात कर सकेंगे।
क्यूआर कोड इंटरऑपरेबिलिटी: भारतीय यूजर वियतनाम में दुकानों पर लगे क्यूआर कोड स्कैन करके सीधे यूपीआई से भुगतान कर सकेंगे और वियतनामी यूजर भारत में ऐसा ही कर पाएंगे।
रियल-टाइम करेंसी कन्वर्जन: पेमेंट करते समय भारतीय रुपए और वियतनामी डोंग का तुरंत कन्वर्जन होगा, जिससे अलग से फॉरेक्स प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ेगी।
बैंकों और पेमेंट एप्स की भागीदारी: भारत में जैसे NPCI यूपीआई चलाता है, उसी तरह वियतनाम में NAPAS है। दोनों संस्थाएं मिलकर बैंक और एप्स को इस नेटवर्क से जोड़ेंगी।
सिक्योरिटी और रेगुलेशन: दोनों देशों के केंद्रीय बैंक (भारत में Reserve Bank of India और वियतनाम में State Bank of Vietnam नियम और सुरक्षा मानकों को तय करेंगे।



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