Wednesday, July 15, 2026 |
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The Wealth Company Mutual Fund ने लॉन्च किया अपना पहला Flexi Cap Fund

by Business Remedies
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फंड की मुख्य विशेषताएँ

* योजना का नाम: द वेल्थ कंपनी फ्लेक्सी कैप फंड
* प्रकार: बड़े, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में निवेश करने वाली ओपन-एंडेड डायनेमिक इक्विटी स्कीम
* बेंचमार्क: निफ्टी 500 TRI
* जोखिम स्तर: बहुत अधिक
* इक्विटी फंड मैनेजर: अपर्णा शंकर, सीआईओ – इक्विटी (30+ साल का इक्विटी निवेश अनुभव, पूर्व–एसबीआई एमएफ)
* एनएफओ अवधि: 24 सितम्बर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 तक
* योजनाएँ/विकल्प: ग्रोथ और IDCW

मुंबई। द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड (पैन्टोमैथ ग्रुप की कंपनी) ने आज अपने पहले फ्लेक्सी कैप फंड (Flexi Cap Fund) के लॉन्च की घोषणा की। यह न्यू फंड ऑफर (NFO) लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार किया गया है। द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड का विश्वास है कि निवेश में फुर्ती, वैज्ञानिक अनुशासन और डिस्ट्रीब्यूटर-प्रथम मॉडल सबसे अहम हैं।

द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड संस्थागत स्तर के शोध, प्राइवेट इक्विटी जैसी जांच-पड़ताल और आम निवेशकों के लिए आसान पहुँच का एक अनोखा मेल प्रस्तुत करता है। यह फ्लेक्सी कैप फंड असली फुर्ती दिखाने के लिए तैयार है, जहाँ बाज़ार की स्थिति, वैल्यूएशन और बाहरी हालात के आधार पर लार्ज, मिड और स्मॉल कैप शेयरों में डायनेमिक आवंटन किया जाएगा।

द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड की फाउंडर और एमडी मधु लूनावत ने कहा, “यह सिर्फ नाम भर की लचीलापन नहीं है। हम प्राइवेट इक्विटी जैसी गहराई से जांच करते हैं और उसी स्तर की मेहनत पब्लिक मार्केट्स में लाते हैं। हमारी कोशिश है कि कंपनियों और सेक्टर्स का गहराई से मूल्यांकन कर, सही समय पर सही जगह निवेश किया जाए। हमारा लक्ष्य है विश्वास, स्पष्टता और जवाबदेही के साथ लंबी अवधि की संपत्ति बनाना।”

यह फंड दो स्व-विकसित निवेश फ्रेमवर्क्स पर आधारित है।

सीआईओ – इक्विटी, अपर्णा शंकर ने कहा, “हमारा दर्शन अनुशासन और फुर्ती का संगम है। CHANGE और EDGE जैसे फ्रेमवर्क्स को प्राइवेट इक्विटी-स्टाइल चेक्स के साथ जोड़कर, हम नियंत्रित जोखिम के साथ लगातार बेहतर रिटर्न देने का लक्ष्य रखते हैं – निवेश का यही सही तरीका है।”पारंपरिक म्यूचुअल फंड रणनीतियों में जहाँ अक्सर सिर्फ बैलेंस शीट तक सीमित रह जाते हैं, वहीं द वेल्थ कंपनी गहराई में जाकर प्राइवेट इक्विटी जैसी जांच-पड़ताल करती है, जैसे:
* प्रमोटर की नीयत, उत्तराधिकार की स्पष्टता और चैनल जांच।
* फोरेंसिक और कानूनी जांच, ताकि समय रहते जोखिम पहचाने जा सकें।
* स्व-विकसित स्कोरिंग सिस्टम, जो फंडामेंटल्स, ग्रोथ फैक्टर्स और क्वांटिटेटिव संकेतकों (जैसे अर्निंग्स, प्राइस मूवमेंट, वोलैटिलिटी) को मिलाता है।
* डायनेमिक डैशबोर्ड्स के जरिए लगातार निगरानी, ताकि समय पर हस्तक्षेप कर जोखिम से बचाव हो सके।

चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर, देबाशीष मोहंती ने कहा, “हम मानते हैं कि भारत की म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री की रीढ़ हमारे डिस्ट्रीब्यूटर हैं। हमारा उद्देश्य है उन्हें संस्थागत स्तर के उत्पाद देना, जो गहरे शोध और मज़बूत जोखिम प्रबंधन से समर्थित हों, और साथ ही बेहतरीन निष्पादन और पारदर्शी सेवा सुनिश्चित करना।”

द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड का विकास मॉडल डिस्ट्रीब्यूटर और एडवाइज़र्स को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। 110+ शहरों और 450+ फ्रेंचाइज़ पार्टनर्स के नेटवर्क के साथ, कंपनी प्रशिक्षण, डिजिटल ऑनबोर्डिंग और आसान प्रक्रियाओं में निवेश कर रही है, ताकि डिस्ट्रीब्यूटर्स को और अधिक सशक्त बनाया जा सके।



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