मुंबई। उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में एक भव्य समारोह में, जिसमें राजनयिक समुदाय के सदस्यों के साथ-साथ राजनीतिक और व्यावसायिक वर्गों के नेताओं का एक प्रतिष्ठित समूह उपस्थित था, भारत के माननीय उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज प्रसिद्ध व्यवसायी और हिंदुजा समूह के अध्यक्ष, श्री गोपीचंद पी. हिंदुजा द्वारा संकलित पुस्तक “आई एम?” का विमोचन किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने कहा, “यह वास्तव में एक अनूठा क्षण है। श्री गोपीचंद पी. हिंदुजा द्वारा लिखित ‘आई एम?’ का विमोचन एक विचारोत्तेजक और विचारोत्तेजक पुस्तक है। सनातन की भूमि भारत में हो रहा यह विमोचन, सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक और वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र का उद्गम स्थल है, जिसका गहरा महत्व है। यह पुस्तक भारतीयता की सार्वभौमिक प्रासंगिकता को रेखांकित करती है, जो सभी धर्मों में विद्यमान सद्गुण है। हम धर्मांतरण के प्रलोभन के बिना दूसरों के सत्य का सम्मान और सराहना कर सकते हैं। एकता का अर्थ है एकरूपता नहीं। भारतीयता इसका आदर्श उदाहरण है। यह विविधता में एकता का उदाहरण है। मैं अपनी टिप्पणी को पुष्ट करते हुए कहना चाहता हूं कि यूनाइटेड किंगडम के राजा चार्ल्स तृतीय के पास इन ग्रंथों के लिए मान्यता थी। आस्था और सहिष्णुता तथा इच्छा के मंत्री शेख नाहयान बिन मुबारक अल नाहयान ने इसका महिमामंडन किया है। हिंदुजा ग्रुप ऑफ कंपनीज (इंडिया) के चेयरमैन श्री अशोक पी. हिंदुजा ने अपने …
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