Sunday, June 14, 2026 |
Home Breaking Newsशेयर बाजार में लौटी रौनक

शेयर बाजार में लौटी रौनक

सेंसेक्स 1205 और निफ्टी में 394 अंक का उछाल

by Business Remedies
0 comments

बिजनेस रेमेडीज/नई दिल्ली/आईएएनएस। मिडिल ईस्ट में सीजफायर की उम्मीदों के बीच बुधवार को फिर से दूसरे दिन शेयर मार्केट में उछाल देखा गया, वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई।

भारतीय शेयर बाजार कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,205 अंक या 1.63 प्रतिशत की तेजी के साथ 75,273.45 और निफ्टी 394.05 अंक या 1.72 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,306.45 पर था। बाजार में चौतरफा तेजी थी और करीब सभी सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (3.51 प्रतिशत), निफ्टी रियल्टी (2.69 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (2.67 प्रतिशत), निफ्टी मेटल (2.56 प्रतिशत), निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस (2.35 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (2.22 प्रतिशत) और निफ्टी हेल्थकेयर (2.05 प्रतिशत) की तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुए। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,244.05 अंक या 2.30 प्रतिशत की तेजी के साथ 55,331.05 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 401.35 अंक 2.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 15,896.55 पर था। सेंसेक्स पैक में Ultratech Cement, Bajaj Finance, L&T, Titan, Indigo, Trent, M&M, Tata Steel, SBI, Sun Pharma, Bajaj Finserv, Adani Ports, Asian Paints और HDFC Bank गेनर्स थे। Tech Mahindra, Power Grid, TCS और Bharat Electronics लूजर्स थे।

बाजार में तेजी के प्रमुख कारण

अमेरिका और ईरान के बीच सकारात्मक बातचीत की खबरों से बाजार में रौनक है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि Washington और Tehran के बीच कई अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है। वहीं दुनिया भर के बाजारों से मिले अच्छे संकेतों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया है। शुरुआती कारोबार में लगभग सभी बड़े एशियाई बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में रहे। मिडिल ईस्ट संकट को सुलझाने के लिए अमेरिका की कूटनीतिक प्रयासों के बाद Brent Crude की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

ब्रेंट क्रूड वायदा में 7 प्रतिशत की गिरावट

बुधवार सुबह के कारोबार में Brent Crude वायदा में 7 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 97.18 डॉलर प्रति बैरल के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी WTI Crude Oil में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई और यह 86.72 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में यह गिरावट भारत के लिए राहत लेकर आ सकती है। इससे महंगाई और चालू खाता घाटा (CAD) पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, तकनीकी संकेत बताते हैं कि अभी कीमतें अहम स्तरों के आसपास हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले हफ्ते भी कमोडिटी बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। Brent Crude, जो हाल ही में 101 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था, अब 10 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर करीब 91 डॉलर पर आ गया है।



You may also like

Leave a Comment