मुंबई,
शुक्रवार सुबह घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी का माहौल देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में Sensex करीब 600 अंक तक गिर गया, जबकि Nifty फिसलकर 23,500 के स्तर से नीचे आ गया। बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण अधिकांश सेक्टर दबाव में नजर आए और निवेशकों में सतर्कता बढ़ी। कारोबार के दौरान Nifty पर कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इनमें कोल इंडिया, एनटीपीसी, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बजाज फाइनेंस प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के कारण बाजार को कुछ सहारा मिला, लेकिन कुल मिलाकर बाजार का रुझान कमजोर ही बना रहा।
दूसरी ओर कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे प्रमुख शेयर नुकसान में कारोबार करते दिखाई दिए। इन बड़ी कंपनियों में बिकवाली के कारण Sensex और Nifty दोनों पर दबाव बढ़ा। सेक्टर के लिहाज से देखा जाए तो ऊर्जा और बिजली क्षेत्र के शेयरों को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्र गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। वाहन, बैंकिंग, रियल एस्टेट, सूचना प्रौद्योगिकी, धातु और मीडिया क्षेत्र के सूचकांकों में लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे स्पष्ट है कि बाजार में बिकवाली व्यापक स्तर पर फैली हुई है।
मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी दबाव में दिखाई दिए। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी लगभग 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि केवल बड़ी कंपनियां ही नहीं बल्कि अन्य श्रेणी के शेयर भी गिरावट की चपेट में हैं। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, निवेशकों की सतर्कता और कुछ क्षेत्रों में मुनाफावसूली के कारण बाजार में यह गिरावट देखने को मिल रही है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों और प्रमुख आर्थिक घटनाओं पर बनी रहेगी, जिनसे बाजार की दिशा तय हो सकती है।

