Wednesday, March 11, 2026 |
Home » शुरुआती कारोबार में Sensex लगभग 100 अंक नीचे, Nifty 24,250 के नीचे फिसला

शुरुआती कारोबार में Sensex लगभग 100 अंक नीचे, Nifty 24,250 के नीचे फिसला

by Business Remedies
0 comments
Indian stock market trading scenario with Sensex and Nifty

11 March 2026 को stock market में शुरुआती कारोबार के दौरान भारतीय शेयर बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। सुबह के सत्र में Sensex लगभग 100 अंक नीचे कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि Nifty फिसलकर 24,250 के नीचे आ गया। हालांकि कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बढ़त के कारण बाजार में पूरी तरह नकारात्मक माहौल नहीं दिखा।

बुधवार सुबह बाजार खुलते ही निवेशकों की सतर्कता दिखाई दी। शुरुआती कारोबार में Sensex में गिरावट दर्ज की गई, जबकि Nifty भी दबाव में रहा। बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कुछ बड़े शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिससे गिरावट सीमित रही। Nifty पर जिन कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई उनमें इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, टाटा स्टील लिमिटेड, विप्रो लिमिटेड, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड और कोल इंडिया लिमिटेड प्रमुख रहे। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला।

वहीं दूसरी ओर कुछ प्रमुख बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में गिरावट भी दर्ज की गई। कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड, श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक लिमिटेड, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज़ लिमिटेड और आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। विस्तृत बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिला। Nifty मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक में लगभग 0.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों में निवेशकों की रुचि बनी हुई है।

क्षेत्रीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो बैंकिंग क्षेत्र को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में तेजी देखी गई। धातु, मीडिया, तेल एवं गैस, ऊर्जा और उपभोक्ता टिकाऊ उत्पाद क्षेत्र से जुड़े सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत तक ऊपर कारोबार करते दिखाई दिए। इन क्षेत्रों में खरीदारी के कारण बाजार को कुछ संतुलन मिला। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसी कारण बाजार में सावधानी भरा रुख दिखाई दे रहा है। आने वाले सत्रों में निवेशकों की रणनीति और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।



You may also like

Leave a Comment