SEBI का फैसला
मुंबई। Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने Vinod Adani और 11 अन्य लोगों के खिलाफ Minimum Public Shareholding (MPS) नियमों के उल्लंघन और Fraudulent Trade Practices के आरोपों को साबित नहीं पाया है। SEBI के इस आदेश के साथ ही पांच साल से अधिक समय से चल रही Regulatory Proceedings समाप्त हो गई हैं।
जांच की शुरुआत
SEBI Whole Time Member Kamlesh Chandra Varshney ने मामले में जारी Show Cause Notices को निपटाते हुए यह आदेश पारित किया। इस मामले की जांच अक्टूबर 2020 में शुरू हुई थी। SEBI को जून और जुलाई 2020 में मिली शिकायतों के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई थी।
Adani Group कंपनियों से जुड़ा मामला
यह मामला चार Listed Adani Group कंपनियों से संबंधित था, जिनमें Adani Enterprises, Adani Power, Adani Ports and SEZ और Adani Transmission (अब Adani Energy Solutions) शामिल थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि इन कंपनियों ने Minimum Public Shareholding नियमों का उल्लंघन किया।
Vinod Adani पर लगे आरोप
मामले में आरोप लगाया गया था कि Gautam Adani और Rajesh Adani के भाई Vinod Adani Promoter Group का हिस्सा थे और उन्होंने Foreign Portfolio Investors (FPIs) के जरिए किए गए Investments पर नियंत्रण रखा। यह आरोप Listed कंपनियों में कम से कम 25 प्रतिशत Public Shareholding बनाए रखने की शर्त से जुड़ा था।
SEBI की जांच में नहीं मिले प्रमाण
SEBI ने जांच के बाद कहा कि ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला जिससे यह साबित हो कि Vinod Adani का संबंधित FPIs या Investors पर Effective Control था। Regulator ने कहा कि जब Control से जुड़ा मूल आरोप ही स्थापित नहीं हुआ, तो Minimum Public Shareholding नियमों के उल्लंघन का आरोप भी कायम नहीं रह सकता।
PFUTP आरोप भी समाप्त
SEBI ने कहा कि MPS उल्लंघन साबित नहीं होने के कारण Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices (PFUTP) Regulations से जुड़े आरोप भी आगे नहीं बढ़ सकते। वहीं, Adani Group की Listed Entities और कुछ Directors एवं Officers ने अलग Settlement Proceedings के तहत कुल ₹1.48 करोड़ का भुगतान किया था।
मामले का निष्कर्ष
SEBI Framework के तहत Settlement Proceedings में Liability स्वीकार करना जरूरी नहीं होता। हालांकि Vinod Adani और अन्य Noticees ने Settlement के बजाय Adjudication प्रक्रिया को चुना। अब SEBI के निष्कर्ष के बाद उनके खिलाफ MPS और PFUTP से जुड़े आरोपों पर कार्यवाही समाप्त कर दी गई है।

