Wednesday, May 20, 2026 |
Home Corporate WorldRukam Capital ने अपनी रिपोर्ट जेन अल्फा डिकोडेड द कंज्यूमर-ब्रांड डायनामिक में जेन अल्फा उपभोक्ता रुझानों पर डाला प्रकाश

Rukam Capital ने अपनी रिपोर्ट जेन अल्फा डिकोडेड द कंज्यूमर-ब्रांड डायनामिक में जेन अल्फा उपभोक्ता रुझानों पर डाला प्रकाश

by Business Remedies
0 comments

जयपुर | बिजनेस रेमेडीज | जेन अल्फा एक डिजिटल रूप से गहराई से जुड़ी पीढ़ी है, जो भारत की आबादी के एक चौथाई से अधिक हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। इस पीढ़ी के 73प्रतिशत बच्चों के पास पहले से ही व्यक्तिगत स्मार्टफोन की पहुंच है और 60प्रतिशत लैपटॉप का उपयोग करते हैं। यह एक ऐसी पीढ़ी है जिसने तकनीक के भीतर स्वतंत्रता का अनुभव किया है। जेनरेशन अल्फा को और बेहतर समझने के लिए, रुकम कैपिटल ने अपनी तरह की एक अनोखी रिपोर्ट ‘जेन अल्फा डिकोडेड: द कंज्यूमर-ब्रांड डायनामिक’ प्रस्तुत की है, जो बताती है कि वे उपभोक्ता व्यवहार और ब्रांड जुड़ाव को कैसे नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं।

रिपोर्ट के लॉन्च पर टिप्पणी करते हुए, अर्चना जहागीरदार, संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर, रुकम कैपिटल ने कहा, “जेन अल्फा भारत की सबसे युवा पीढय़िों में से एक है, जिसमें घरेलू खरीद निर्णयों के 80प्रतिशत तक को प्रभावित करने की क्षमता है। वे डिजिटल रूप से दक्ष हैं और कंटेंट तक असीमित पहुंच रखते हैं, फिर भी एल्गोरिद्म, माइक्रो-ट्रेंड्स, साथियों की मान्यता और स्थिरता व समावेशन जैसे शुरुआती मूल्यों से प्रभावित होते हैं। जैसे-जैसे भारत के डी2सी ब्रांड, एडटेक, कंटेंट क्रिएटर्स, खिलौने, एफ एंड बी और फैशन सेक्टर उनकी निष्ठा के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, धारणाओं की जगह प्रमाण आधारित समझ जरूरी है।

‘जेन अल्फा डिकोडेड: द कंज्यूमर-ब्रांड डायनामिक’ रिपोर्ट के माध्यम से हमारा उद्देश्य उन व्यवहारिक बदलावों, प्राथमिकताओं और रुझानों को समझना है, जो 10 साल के बच्चे के खरीद निर्णयों और रोज़मर्रा की पसंद को प्रभावित करते हैं।” जेन अल्फा केवल तकनीक से परिभाषित नहीं होती, बल्कि इस बात से होती है कि वे डिजिटल इकोसिस्टम का उपयोग कैसे करते हैं—स्वायत्तता, पहचान और प्रभाव को संतुलित जीवन में स्थापित करने के लिए। वे उपभोग, संस्कृति और रोज़मर्रा के निर्णयों को आकार देने में तेजी से नेतृत्व कर रहे हैं। लगभग 50प्रतिशत जेन अल्फा बच्चे किसी विशेष ब्रांड की मांग करते हैं, जो शुरुआती ब्रांड जागरूकता को दर्शाता है, जबकि 66प्रतिशत बच्चे रोज़मर्रा के निर्णयों को प्रभावित करते हैं, जो घरों में उनकी बढ़ती स्वायत्तता को दिखाता है।



You may also like

Leave a Comment