भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI की केंद्रीय बोर्ड बैठक शुक्रवार को आयोजित हो रही है, जिसमें सरकार को अतिरिक्त फंड Transfer करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस बार RBI का Dividend पिछले वर्ष के रिकॉर्ड ₹.2.69 लाखकरोड़ से भी अधिक रह सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस वर्ष RBI सरकार को लगभग ₹.2.8 लाखकरोड़ से ₹.3.3 लाखकरोड़ तक का Dividend दे सकता है। यह राशि सरकार के लिए बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि इससे आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच Fiscal Deficit को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी और अतिरिक्त बाजार उधारी की जरूरत कम होगी।
सरकार ने Union Budget 2026-27 में सरकारी कंपनियों और केंद्रीय बैंक से मिलने वाले Dividend तथा अतिरिक्त फंड Transfer से ₹.3.16 लाखकरोड़ प्राप्त होने का अनुमान लगाया है। पिछले वर्ष RBI ने सरकार को ₹.2.68 लाखकरोड़ Transfer किए थे, जो उससे पिछले वर्ष की तुलना में 27 प्रतिशत अधिक थे।
एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की मुख्य अर्थशास्त्री माधवी अरोड़ा के अनुसार इस वर्ष RBI का Dividend ₹.2.8 लाखकरोड़ से ₹.3.3 लाखकरोड़ के बीच रह सकता है। उन्होंने कहा कि ब्याज आय में बढ़ोतरी और पूंजी Buffer आवश्यकता कम होने की संभावना के कारण पिछले वर्ष की तुलना में अधिक भुगतान संभव है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस का मानना है कि इस वर्ष RBI का Dividend लगभग ₹.3 लाखकरोड़ से ₹.3.2 लाखकरोड़ तक रह सकता है। उनके अनुसार इसका मुख्य कारण Contingency Buffer Requirement में संभावित कमी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में विदेशी मुद्रा भंडार के बेहतर उपयोग से RBI की आय में तेज बढ़ोतरी हुई थी, जिससे अधिक भुगतान संभव हुआ था। हालांकि इस बार अतिरिक्त राशि मुख्य रूप से Contingency Buffer कम किए जाने के कारण आ सकती है।
RBI के Economic Capital Framework के तहत केंद्रीय बैंक को 4.5 प्रतिशत से 7.5 प्रतिशत के बीच Contingent Risk Buffer बनाए रखना होता है। पिछले वित्त वर्ष में RBI ने इसे 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत किया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि RBI इस Buffer को घटाकर 7प्रतिशत तक करता है, तो अतिरिक्त राशि जारी की जा सकती है। पिछले वर्ष विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी और ट्रेजरी निवेश से RBI को बड़ा लाभ मिला था, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति सीमित रह सकती है। इस संभावित बड़े Dividend का असर आने वाले समय में Stock Market, Nifty और Sensex पर भी सकारात्मक देखने को मिल सकता है, क्योंकि इससे सरकार की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी।

