Tuesday, July 14, 2026 |
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उच्च सोने की कीमतों के बीच संगठित स्वर्ण आभूषण रिटेल क्षेत्र में इस वित्त वर्ष 20-25प्रतिशत राजस्व वृद्धि की उम्मीद

by Business Remedies
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Indian Organised Gold Jewellery Retail Sector Facing Demand Pressure Amid Rising Gold Prices

नई दिल्ली : भारत का संगठित स्वर्ण आभूषण रिटेल क्षेत्र, जिसमें आभूषण, सिक्के और बिस्कुट शामिल हैं, इस वित्त वर्ष में 20-25 प्रतिशत सालाना राजस्व वृद्धि हासिल कर सकता है। यह वृद्धि मुख्य रूप से ऊंची प्राप्तियों के कारण संभव होगी, हालांकि सोने की बढ़ती कीमतों और आयात पर नियंत्रण से जुड़े हालिया सरकारी कदमों के चलते बिक्री मात्रा में गिरावट देखने को मिल सकती है।

एक नई रिपोर्ट के अनुसार, सोने की ऊंची कीमतों से कंपनियों की इन्वेंट्री रखने की लागत बढ़ेगी और बैंकों से अधिक उधारी लेनी पड़ सकती है। इसके बावजूद राजस्व और नकद अर्जन में बढ़ोतरी से कर्ज पर निर्भरता संतुलित रहेगी, जिससे कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल स्थिर बनी रहने की संभावना है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस वित्त वर्ष संगठित स्वर्ण आभूषण रिटेल क्षेत्र की बिक्री मात्रा में 13-15 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। पिछले वित्त वर्ष में भी इस क्षेत्र में लगभग 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। लगातार बढ़ती सोने की कीमतें और आयात को सीमित करने वाली सरकारी नीतियां इसका मुख्य कारण मानी जा रही हैं।

वित्त वर्ष 2026 में भारत ने लगभग 720 टन सोने का आयात किया था, जिससे करीब ₹.72 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा बाहर गई। व्यापार घाटा कम करने और भारतीय मुद्रा को समर्थन देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने हाल ही में सोने पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया है। सरकार का उद्देश्य सोने की मांग को नियंत्रित करना और आयात को कम करना है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके चलते इस क्षेत्र की बिक्री मात्रा पिछले एक दशक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच सकती है। हालांकि कोविड प्रभावित वित्त वर्ष 2021 को इसमें शामिल नहीं किया गया है।

CRISIL के निदेशक हिमांक शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा सोने पर सीमा शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करना स्वर्ण आभूषणों की मांग पर बड़ा असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि निवेश के उद्देश्य से सोने के सिक्कों और बिस्कुट की मांग बढ़ रही है, लेकिन यह कुल मांग में आने वाली गिरावट की पूरी भरपाई नहीं कर पाएगी। उनके अनुसार, इस वित्त वर्ष स्वर्ण आभूषण रिटेल क्षेत्र की कुल बिक्री मात्रा घटकर 620-640 टन तक पहुंच सकती है, जो पिछले दस वर्षों में सबसे कम स्तर होगा।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सोने की कीमतों में तेजी से रिटेल कंपनियों को इन्वेंट्री लाभ मिलेगा, लेकिन बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियां ग्राहकों को अधिक छूट भी दे सकती हैं। इसके अलावा प्रचार खर्च में वृद्धि और सोने के सिक्कों व बिस्कुट के व्यापार से कंपनियों के सकल मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि सोने की कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव, सरकारी नियमों में बदलाव, आयात शुल्क में संशोधन, सोने की खरीद पर संभावित प्रतिबंध और उपभोक्ताओं की बदलती सोच आने वाले समय में इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण कारक साबित होंगे।



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