नई दिल्ली | कुंजेश कुमार पतसारिया | मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण राजस्थान की क्वार्ट्ज और मार्बल- मिनरल इंडस्ट्री पर संकट गहराता जा रहा है। यहां निर्यात ठप होने और लॉजिस्टिक्स लागत बढऩे से उद्योग संकट में है। किशनगढ़, राजसमंद और जालौर जैसे प्रमुख हब में उत्पादन और निर्यात ठप होने के कगार पर पहुंच गया है। जालौर में ग्रेनाइट की लगभग 80 फीसदी इकाईयां बंद होने के कगार पर हैं और जो चल रही हैं, वे केवल 15-20 दिनों के लिए कच्चा माल होने का दावा कर रही हैं। वहीं ब्यावर के मिनरल हब में लगभग 1100 फैक्ट्रियों में से 1000 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। चित्तौडग़ढ़ में मार्बल उत्पादन आधा रह गया है और कई इकाईयों में सन्नाटा पसरा हुआ है। किशनगढ़ में करीब 70,000 और राजसमंद में हजारों श्रमिकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है, जिससे पलायन शुरू हो गया है। यह उद्योग अपने अब तक के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है।
उत्पादन और निर्यात ठप
तनाव के कारण समुद्री मार्ग बाधित होने से ओमान, दुबई, सऊदी अरब और कतर जैसे जीसीसी देशों को होने वाला निर्यात लगभग रुक गया है। किशनगढ़ मार्बल मंडी का दैनिक कारोबार 25 करोड़ रुपए से घटकर 12 करोड़ रुपए रह गया है। राजसमंद में 80 फीसदी से अधिक पाउडर प्लांट और इकाईयां बंद हो गई हैं।
लागत में 8 गुना वृद्धि, कच्चे माल की कमी
माल भाड़ा और इंश्योरेंस लागत बहुत बढ़ गई है। कंटेनर का किराया $1,000 से बढक़र $6,000-$8,000 के बीच पहुंच गया है। वहीं इटली, तुर्की और ईरान से होने वाला आयात रुक गया है, जिससे प्रोसेसिंग इकाइयों में कच्चे माल की भारी कमी हो गई है।
बढ़े केमिकल के दाम
मार्बल की फिनिशिंग में इस्तेमाल होने वाले एपॉक्सी केमिकल्स की कीमतें 30-50 फीसदी बढ़ गई हैं। यदि यही हालात रहे तो आने वाले समय में 25-30 फीसदी उद्योग पूरी तरह बंद हो सकते हैं। जहाजों को अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप से घुमाकर ले जाया जा रहा है, जिससे डिलीवरी में 14-20 दिन का अतिरिक्त समय लग रहा है, जो व्यापार को अनुत्पादक बना रहा है।
मार्बल-मिनरल इंडस्ट्री की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। कच्चे माल की कीमतें करीब तीस फीसदी से ज्यादा हो गई है। एक्सपोर्ट तो पूरी तरह से बंद है, केवल डोमेस्टिक काम हो रहा है। चुनाव के बाद डीजल की रेट बढ़ जाने के कारण लागत में और बढ़ोतरी हो जाएगी। ऐसे में कई इकाईयों बंद हो जाएंगी।
- Dr. Hitesh Patel, प्रेसिडेंट, उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स समिति, उदयपुर और डायरेक्टर, Tirupati Impex
पहले अमेरिकी राष्ट्रपति Trump द्वारा टैरिफ में बढ़ोतरी, फिर मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण मार्बल-मिनरल इंडस्ट्री पर काफी संकट आ गया है। कंटेनरों का माल भाड़े में काफी बढ़ोतरी होने से लागत ज्यादा लग रही है। वहीं कच्चा माल भी काफी महंगा मिल रहा है, ऐसे में कई इकाईयों में उत्पादन ठप-सा हो गया है।
- Parmeshwar Agrawal, डायरेक्टर, Prem Marble Private Limited, उदयपुर
तनाव से पूरी तरह से एक्सपोर्ट बंद हो गया है। बहुत सारा माल अटका पड़ा हुआ है। होली के बाद से पांच फीसदी लेबर आने से उत्पादन ठप पड़ा हुआ है। अगर युद्ध लंबा चलता है तो कई इकाईयों के बंद होने की संभावना है। मध्यम वर्ग की हालत बहुत खराब हो जाएगी।
- Mangilal Lunawat, डायरेक्टर, Aravali Minerals and Chemicals Industries Private Limited, उदयपुर

