Saturday, March 7, 2026 |
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राजस्थान का Import-Export प्रभावित, करीब 10 हजार करोड़ का कारोबार अटका

ईरान-इजरायल और America युद्ध का असर

by Business Remedies
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बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। मध्य-पूर्व में Iran, Israel और America के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात का असर अब Rajasthan के व्यापार पर भी पड़ने लगा है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण शिपिंग, भुगतान और सप्लाई चेन प्रभावित होने से राज्य का करीब 10 हजार करोड़ रुपए का Import-Export कारोबार प्रभावित होने का अनुमान है। व्यापारिक संगठनों और निर्यातकों के अनुसार Jewellery, Handicraft, सूखे मेवे, मेहंदी सहित कई उत्पादों का निर्यात फिलहाल रुक गया है या धीमा पड़ गया है। इससे खासकर Jaipur, Jodhpur और Udaipur जैसे शहरों के निर्यात कारोबार पर असर पड़ा है।

ज्वैलरी और जेम्स सेक्टर पर बड़ा असर

Rajasthan, खासकर Jaipur, देश का प्रमुख Gems and Jewellery निर्यात केंद्र है। उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार Jaipur से हर साल लगभग 25 से 30 हजार करोड़ रुपए की Jewellery और कीमती पत्थरों से जुड़े उत्पादों का निर्यात किया जाता है, जिसमें मध्य-पूर्व के देशों की हिस्सेदारी भी अच्छी-खासी है।

मौजूदा हालात में कई निर्यातकों ने बताया कि खाड़ी क्षेत्र के खरीदारों ने नए ऑर्डर फिलहाल रोक दिए हैं, जबकि पहले से तैयार माल की Shipment भी अटक रही है।

हैंडीक्राफ्ट कारोबार भी प्रभावित

Rajasthan का हस्तशिल्प उद्योग भी निर्यात पर काफी निर्भर है। Jodhpur और आसपास के क्षेत्रों से लकड़ी के फर्नीचर, Metal Craft, Home Decor और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद बड़ी मात्रा में विदेशों में भेजे जाते हैं।

उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक राज्य से हर साल 8 से 10 हजार करोड़ रुपए के आसपास Handicraft Products का निर्यात होता है, लेकिन मध्य-पूर्व में तनाव के कारण कई देशों में भेजे जाने वाले Container फिलहाल रुके हुए हैं या ऑर्डर स्थगित कर दिए गए हैं।

सूखे मेवों के आयात पर भी असर

Rajasthan में सूखे मेवों का बड़ा व्यापार है और Iran इससे जुड़े प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में से एक है। Iran से Pistachio, Raisin, Fig और Almond जैसी कई किस्में आयात की जाती हैं।

व्यापारियों के अनुसार युद्ध जैसे हालात के कारण Shipment में देरी, Transport Cost में बढ़ोतरी और भुगतान संबंधी अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे सूखे मेवों के आयात पर असर पड़ रहा है और बाजार में कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मेहंदी और अन्य उत्पादों का निर्यात भी प्रभावित

Rajasthan मेहंदी उत्पादन के लिए भी जाना जाता है। खासकर Sojat (Pali), Nagaur और Jodhpur क्षेत्र से बड़ी मात्रा में Mehendi Powder और उससे जुड़े उत्पाद खाड़ी देशों और अन्य बाजारों में निर्यात किए जाते हैं।

उद्योग से जुड़े अनुमान बताते हैं कि Mehendi Business का वार्षिक Turnover करीब 800 से 1000 करोड़ रुपए के आसपास है, जिसमें निर्यात का बड़ा हिस्सा मध्य-पूर्व के बाजारों में जाता है। मौजूदा हालात के कारण कई निर्यातकों ने अस्थायी रूप से Shipment रोक दी है।

व्यापारियों की चिंता बढ़ी

निर्यातकों का कहना है कि अगर स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो उद्योगों की Working Capital, उत्पादन और रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। पहले से तैयार माल के गोदामों में जमा होने से Cash Flow प्रभावित होने की आशंका है।

व्यापारिक संगठनों ने Central Government से अपील की है कि निर्यातकों को राहत देने के लिए वैकल्पिक बाजार, सुरक्षित Shipping Route और व्यापारिक सहायता की व्यवस्था की जाए। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय हालात पर नजर रखी जा रही है। व्यापारियों को उम्मीद है कि जल्द ही तनाव कम होगा और Rajasthan का निर्यात कारोबार फिर से सामान्य गति पकड़ सकेगा।

इस युद्ध से मेहंदी के कारोबार पर काफी असर आया है। इसके अलावा बाजरे का निर्यात भी प्रभावित हुआ है। करीब 10 हजार करोड़ रुपए का आयात और निर्यात दोनों पर ही प्रभाव आ रहा है। अगर युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो व्यापार और ज्यादा प्रभावित हो सकता है।

  • Suresh Agrawal, अध्यक्ष, FORTI

 

युद्ध के चलते शिपिंग कंटेनर वालों ने चार हजार डॉलर का Surcharge लगा दिया है। इस कारण आयात-निर्यात महंगा हो गया है। अगर युद्ध ऐसे ही चलता रहा तो आगामी दिनों में चीजें और अस्त-व्यस्त होंगी और व्यापार प्रभावित होगा।

  • Ravi Utmani, अध्यक्ष, FORHEX

 

इस युद्ध की वजह से Import-Export पर फर्क आना निश्चित है। मध्य-पूर्व में जो हालात अभी है, अगर ऐसे ही चलते रहे तो आने वाले समय Crude महंगा हो जाएगा। दूसरा हमारे जो ऑर्डर स्टार्ट हो रहे थे, उन पर भी असर पड़ेगा।

  • Bhupendra Singh, Rajasthan Head, FIEO


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