बिजनेस रेमेडीज/जयपुर। जयपुर में जगह-जगह बिखरे Textile Market को एकजुट करने के लिए उद्यमी सरकार से जयपुर में Textile Market के लिए जगह देने की मांग कर रहे हैं। व्यापारी बोले, जयपुर में चार-पांच जगह फैले टैक्सटाइल मार्केट को एक जगह लाने से व्यापार में सुविधा मिलेगी। जेडीए की उदासीनता के चलते अभी तक बाजार के लिए जमीन चिंहित नहीं हो पाई हैं। इस कारण व्यापारियों में गहरी निराशा है।
Textile Association से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि हमें ऐसी जगह मिले, जहां सभी प्रकार की सुविधा हों। ट्रांसपोटेशन से लेकर कर्मचारियों के रहने की सुविधा मिले, लेकिन इस मार्केट के लिए जेडीए की उदासीनता के कारण अभी तक जमीन ही चिंहित नहीं हो पाई है। इससे सांगानेर कपड़ा व्यापारियों में रोष है। सांगानेर कपड़ा व्यापारियों ने अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से गुहार लगाई है कि वे मामले में फैसला लें और textile market के कार्य को जल्द से जल्द पूरा करें।
करीब पांच हजार व्यापारी कार्यरत
सांगानेर Print Traders Association के अध्यक्ष, प्रवीण शाह ने बताया, इस क्षेत्र में करीब पांच हजार से ज्यादा टे्रडर्स कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा दो हजार से ज्यादा कपड़ा यूनिट हैं, जो कपड़ा बनाती हैं। अगर एक जगह ही सुविधा मिलेगी तो व्यापार में आसानी होगी और व्यापार तेजी से आगे बढ़ेगा। टैक्सटाइल मार्केट के तैयार होने से अन्य राज्यों के व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। इसमें बनने वाले exhibition center से राष्ट्रीय स्तर की व्यापारिक सेमिनार, प्रदर्शनी, नए उत्पादों की जानकारी मिल सकेगी। गौरतलब है कि बाजार में बैडशीट्स, रनिंग ड्रेस मैटेरियल, सांगानेरी सूट, सांगानेरी प्रिंट व बाटिक प्रिंट, फेमस, चुनरिया, ओढऩी की सबसे ज्यादा डिमांड है।
छीपा जाति ने शुरू किया था काम
राजधानी जयपुर की बसावट के समय छीपा जाति के लोगों को द्रव्यवती नदी के किनारे बसाया गया था, जिन्होंने हैंड ब्लॉक प्रिंटिंग शुरू कर सफेद कपड़ों को रंगीन और आकर्षक बनाया जाता था। पहले छपाई के व्यवसाय से यही लोग जुड़े हुए थे। इसके बाद गुजरात से खत्री आकर यही काम करने लगे। वर्तमान में सभी जातियों के लोग इस काम से जुड़े हुए हैं। अभी बगरू ब्लॉक प्रिंटिंग में प्राकृतिक कलर्स का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, सांगानेर में पिग्मेंट रेपिड व प्रोसियन कलर्स से भी प्रिंट किया जा रहा है।
– सांगानेर में रंगाई-छपाई की करीब दो हजार से ज्यादा यूनिट हैं। ये दो हजार फैक्ट्रियां ही कपड़ा छापती हैं व तैयार करती हैं। उस कपड़ को बेचने के लिए यहां पर पांच हजार से ज्यादा ट्रेडर्स हैं। कपड़े के बेचने के लिए हमें एक टैक्सटाइल मार्केट की डिमांड है। हम चाहते हैं पास ही में जहां ट्रांसपोटेशन की अच्छी सुविधा हो, वहां सरकार हमें जगह दे दे। जिससे हमें व्यापार में आसानी रहे। हमने सरकार को बताया भी कि रिंग रोड के पास ही जमीन देख कर हमें 400-500 बीघा जमीन दें। वर्तमान सीएम भजनलाल शर्मा विदेशों में जाकर नए-लए उद्यम लाने का प्रयास कर रहे हैं। हम चाहते हैं कि वे हमारे लिए एक मार्केट की व्यवस्था कर दें और उसे विकसित कर दें तो जितना रेवेन्यू बाहर की इंडस्ट्री नहीं देगी, उससे ज्यादा हम दे देंगे।
– प्रवीण शाह, अध्यक्ष, सांगानेर प्रिंट ट्रेडर्स एसोसिएशन
– हमारी सरकार से टैक्सटाइल मार्केट की डिमांड है। पिछली सरकार को भी हमने ज्ञापन दिया था, लेकिन इस दिशा में ज्यादा काम हुआ नहीं। वर्तमान सीएम भजनलाल शर्मा से भी हमारी यही डिमांड है कि टैक्सटाइल मार्केट बन जाए, जिससे सभी उद्यमी एक ही जगह पर बैठकर कार्य कर सकें। मार्केट बनने से जयपुर शहर का ट्रैफिक लोड भी कम होगा। अभी चौड़ा रास्ता, हवामहल बाजार, सीकर हाउस, कटला और सांगानेर इनते बड़े क्षेत्र में टैक्सटाइल मार्केट फैला हुआ है। एक जगह मार्केट बनने से यह व्यवस्थित हो जाएगा। इस मामले में सीएम संज्ञान लें तो कार्य त्वरित गति से हो सकेगा। टैक्सटाइल मार्केट में अभी भी 6-7 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ। इसलिए सरकार से निवेदन है कि इस मसले पर जल्द से जल्द फैसला ले।
– घनश्याम कूलवाल, महासचिव, सांगानेर प्रिंट ट्रेडर्स एसोसिएशन
– हमारी सरकार से टैक्सटाइल मार्केट के लिए मांग चल रही है। अगर यह मार्केट बनता है तो सभी के लिए व व्यापार के लिए अच्छी बात होगी। साथ ही जैसे सूरत में टैक्सटाइल मार्केट बना हुआ है, उसी की तर्ज पर जयपुर में भी टैक्सटाइल का एक बड़ा बाजार होगा। हमने मुहिम चलाई है, सरकार के सामने अपनी बात रखी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के सामने भी हमने अपनी बात रखी है। वे भी इस मार्केट के लिए आश्वासन देकर गए हैं। साथ ही ग्रेटर नगर निगम के कमिश्नर के साथ ही हमारी बातचीत हुई है। सरकार ने हमें कुछ जगह जमीन दिखाई हैं। हम अपनी आवश्यकता के आधार पर जमीन का फैसला लेंगे। सरकार का भी इस मामले में हमें अच्छा सपोर्ट मिल रहा है।
– मनोज गोरानी, कोषाध्यक्ष, सांगानेर प्रिंट ट्रेडर्स एसोसिएशन
– हमने पहले पूर्व सीएम अशोक गहलोत को इस मामले से अवगत कराया था। अभी वर्तमान में भजनलाल सरकार से भी यही मांग कर रहे हैं। हमारी मांग है कि टैक्सटाइल मार्केट में कार्यरत सभी व्यापारी एक ही जगह आ जाएं, जिससे व्यापार में सुविधा हो। इसी मार्केट में बैंक, फूड प्लाजा, ट्रांसपोटेशन की सुविधा मिले, जिससे व्यापारियों को आसानी हो। यहां से बैडशीट पूरे भारत में सप्लाई होती है। एक जगह होने से सभी को अच्छा रोजगार मिलेगा। इसके अलावा एक जगह बाजार होने से बाहर से आने वाले व्यापारियों को भी सुविधा होगी, वे अपना कार्य एक ही जगह से कर पाएंगे। टैक्सटाइल मार्केट बनने से एक अच्छा इफेक्ट पड़ेगा। इसीलिए हमारी सरकार से मांग है कि इस दिशा में जल्द से जल्द कदम उठाए।
– आनंद अग्रवाल, संगठन मंत्री, सांगानेर प्रिंट ट्रेडर्स एसोसिएशन

