New Delhi,
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को अधिक संतुलित और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि यह संगठन सभी सदस्य देशों, विशेष रूप से विकासशील और अल्प विकसित देशों की जरूरतों और आकांक्षाओं को प्रभावी ढंग से पूरा करे। कैमरून के याओंदे में आयोजित 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक डॉक्टर न्गोजी ओकोंजो-इवेला के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की। उन्होंने सम्मेलन को सफल बनाने के लिए उनके निरंतर प्रयासों की सराहना की।
गोयल ने कैमरून के प्रधानमंत्री जोसेफ डियोन नगुटे और व्यापार मंत्री ल्यूक मैग्लोइर म्बार्गा अतांगाना को सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि कैमरून के लोगों की गर्मजोशी, समृद्ध संस्कृति और सुंदर प्राकृतिक दृश्य उनकी यादों में हमेशा रहेंगे। सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ के व्यापार आयुक्त मारोस सेफकोविच के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की। इस बैठक में दोनों पक्षों ने सम्मेलन के एजेंडे पर विचार साझा किए और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की प्रगति की समीक्षा की। साथ ही, द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा की गई।
दोनों पक्षों ने डब्ल्यूटीओ में सुधार की आवश्यकता पर सहमति जताई। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक प्रसारण पर सीमा शुल्क शुल्क स्थगन और निवेश सुविधा समझौते को शामिल करने जैसे मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ। पीयूष गोयल ने कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान भारत-कनाडा व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। दोनों देशों ने जहाज निर्माण, औषधि, पर्यटन और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
कनाडा के मंत्री ने मई 2026 में पीयूष गोयल की प्रस्तावित यात्रा के लिए आमंत्रण भी दिया, जिसमें एक बड़ा भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा। इसके अलावा पीयूष गोयल ने ब्रिटेन के व्यापार और व्यवसाय मंत्री पीटर जे. काइल के साथ भी बैठक की। दोनों पक्षों ने सम्मेलन के मुद्दों पर चर्चा की और जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर द्वारा हस्ताक्षरित भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के कार्यान्वयन की समीक्षा की।

