बिजऩेस रेमेडीज/ लखनऊ/आईएएनएस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘One District, One Product’ (ODOP) योजना न केवल प्रदेश के हर जिले की पारंपरिक विशेषता को राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बनी है, बल्कि लाखों कारीगरों, शिल्पियों और उद्यमियों के लिए आत्मनिर्भरता का सशक्त जरिया भी साबित हुई है।
सीएम योगी की ‘ODOP’ योजना, जहां देश के कई राज्य अपना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर दुनिया में भी ODOP उत्पादों की सराहना हो रही है। इसे और सशक्त बनाने के लिए योगी सरकार ने 12 नए उत्पादों को ओडीओपी में शामिल किया है, जो देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाएंगे। योगी सरकार पहले ही प्रदेश के विभिन्न जिलों के 62 उत्पादों को ओडीओपी में शामिल कर चुकी है, वहीं अब यह संख्या बढक़र 74 हो गई है। एमएसएमई सचिव प्रांजल यादव ने बताया कि सीएम योगी की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना की पूरे देश में चर्चा हो रही है। यह योजना विभिन्न राज्यों को काफी पसंद आई। यही वजह है कि उन्होंने अपने राज्यों में भी सीएम योगी की ओडीओपी योजना को लागू किया है। सीएम योगी की दूरदर्शिता का ही परिणाम है कि प्रदेश के हर जिले की पारंपरिक विशेषताओं और उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिली है। इससे न सिर्फ स्थानीय शिल्पियों और उद्यमियों को रोजगार मिला है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्राप्त हुई है।
MSME सचिव ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर ओडीओपी में प्रदेश के विभिन्न जिलों के 12 नए उत्पादों को शामिल किया गया है। इसमें बागपत के एग्रीकल्चरल इम्प्लीमेंट्स एंड रिलेटेड एक्सेसरीज, सहारनपुर के होजरी उत्पाद, फिरोजाबाद के फूड प्रोसेसिंग, गाजियाबाद के मेटल उत्पाद और टेक्सटाइल एंड अपैरल उत्पाद, अमरोहा के मेटल एवं Wodden Handicraft, आगरा के पेठा उद्योग एवं सभी प्रकार के फुटवियर, हमीरपुर के मेटल उत्पाद, बरेली के लकड़ी के उत्पाद, एटा के चिकोरी उत्पाद, प्रतापगढ़ का खाद्य प्रसंस्करण, बिजनौर का ब्रश एवं उससे जुड़े उत्पाद और बलिया का सत्तू आदि शामिल हैं। योगी सरकार ने ODOP योजना के तहत अब तक कई पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है। इसमें बनारस की साड़ी, भदोही का कालीन, कन्नौज का इत्र, आगरा का जूता, अलीगढ़ का ताला, सहारनपुर का वुड कर्विंग, आगरा का चमड़ा उत्पाद एवं संगमरमर पर जडऩा कार्य, बरेली का जरी-जरदोजी, स्वर्णकारी, बांस बेत, बिजनौर का काष्ठ कला आदि उत्पादों ने विश्व पटल पर अपनी नई पहचान बनाई है। इन सभी उत्पादों ने न सिर्फ स्थानीय पहचान को मजबूत किया, बल्कि इनका निर्यात भी कई गुना बढ़ा है। अमरोहा की जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि अमरोहा के ढोलक एवं रेडीमेड गारमेंट्स को पहले ही ओडीओपी उत्पाद में शामिल किया गया था, अब मेटल एवं वुडन हैंडीक्राफ्ट को भी शामिल किया गया है। इसमें देश और विदेश में अमरोहा और यहां के उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। इससे अमरोहा तेजी से विकास की दिशा में आगे भी बढ़ेगा। योगी सरकार की ओडीओपी योजना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत योगदान सुनिश्चित कर रही है। यह प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
योगी सरकार ने ODOP उत्पादों को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के लिए विभिन्न कदम उठाए। इसके तहत शिल्पियों को प्रशिक्षण, ऋण और विपणन सहायता प्रदान की गई है। इसके साथ प्रदर्शनी, मेले और ई-मार्केटिंग के माध्यम से इन उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाया गया। वहीं, जिलाधिकारियों की निगरानी में एक्सपोर्ट प्रमोशन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, जीआई टैगिंग और डिजाइन डेवलपमेंट आदि पर विशेष ध्यान दिया गया। इससे उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी और प्रदेश में निवेश और उद्योग को नई रफ्तार मिली।

