NMDC दोणिमलाई कॉम्प्लेक्स में Digital Transformation और Capacity Expansion को दे रही गति
नई दिल्ली | बिजनेस रेमेडीज
इस्पात मंत्रालय ने कहा कि NMDC Karnataka स्थित अपने Donimalai Complex में Digital Transformation, Sustainable Mining Practices और Capacity Expansion को तेज कर रही है। यह पहल कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह 100 Million Tonnes Per Annum (MTPA) क्षमता वाली Mining Company बनने का लक्ष्य हासिल करना चाहती है।
Complex के दौरे के दौरान कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन ने उत्पादन बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरणीय संरक्षण को मजबूत करने से जुड़े प्रमुख परियोजनाओं की समीक्षा की।
Capacity Expansion और Infrastructure Development पर फोकस
समीक्षा में चल रही Capacity Expansion और Infrastructure Development परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य Kumaraswamy Mine का उत्पादन बढ़ाकर 10 MTPA करना और Donimalai Complex की कुल उत्पादन क्षमता को 17 MTPA तक पहुंचाना है।
ये विस्तार योजनाएं NMDC के 100 MTPA क्षमता हासिल करने के व्यापक लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों ने 35 प्रतिशत तक लौह तत्व (Fe) वाले लौह अयस्क संसाधनों के उपयोग से जुड़ी पहलों की भी समीक्षा की। इसके अलावा लौह अयस्क Slimes और कम ग्रेड वाले लौहयुक्त पदार्थों जैसे Banded Hematite Jasper (BHJ) और Banded Hematite Quartzite (BHQ) के उपयोग पर भी चर्चा की गई।
पर्याप्त लौह तत्व होने के बावजूद इन संसाधनों का अब तक सीमित उपयोग होता रहा है। Beneficiation और वैज्ञानिक Mineral Processing Technologies के जरिए NMDC इन निम्न-ग्रेड संसाधनों को मूल्यवान कच्चे माल में बदल रही है। इससे मौजूदा खदानों से अतिरिक्त लौह अयस्क की Recovery संभव हो रही है और अपशिष्ट उत्पादन में भी कमी आ रही है।
कंपनी के अनुसार, यह पहल Mineral Conservation को मजबूत करेगी, Mining Activities के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करेगी और भारत के Steel Industry की बढ़ती कच्चे माल की जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।
Automated Gate Management System से बढ़ी पारदर्शिता
प्रबंधन टीम ने Kumaraswamy Mine में हाल ही में लागू किए गए Automated Gate Management System की भी समीक्षा की। यह Digital System लौह अयस्क की ढुलाई की Real-Time Monitoring और Verification की सुविधा देती है, जिससे पारदर्शिता और Operational Efficiency में सुधार होता है।
कंपनी ने बताया कि यह Automated System Manual Intervention को कम करती है, Material Movement पर निगरानी को मजबूत बनाती है और खनिज संसाधनों की सुरक्षित ढुलाई सुनिश्चित करती है।
Donimalai में शुरू की गई ये पहलें NMDC के Digitization, Resource Efficiency और Responsible Mining पर लगातार बढ़ते Focus को दर्शाती हैं।
कंपनी अपने दीर्घकालिक उत्पादन और Sustainability संबंधी लक्ष्यों की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है।

