जयपुर। किसी भी आदमी की आर्थिक प्रगति होती है तो सबसे पहले उसकी प्राथमिकता मकान और वाहन खरीदने की होती है। यह वह स्थित है जिसने लंबे समय से रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर के बिजनेस मॉडल को बल प्रदान किया है। निवेश के स्तर पर भी रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न प्रदान किया है। लेकिन आम निवेशकों के लिए संबंधित क्षेत्र की जटिलता को समझना आसान नहीं है। इन क्षेत्रों का फायदा उठाने के लिए निवेशक म्यूचुअल फंड का सहारा ले सकते हैं। देश की प्रमुख ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी निप्पोन ऐसेट मैनेजमेंट इंडिया द्वारा लाइफस्टाइल से जुड़े दो क्षेत्रों ‘ऑटोमोबाइल और रियलिटी’ से संबंधित ‘निप्पॉन इंडिया निफ़्टी ऑटो इंडेक्स फंड’ एवं ‘निप्पॉन इंडिया निफ़्टी रियल्टी फंड’ लांच किए हैं। निवेशक 28 नवंबर,2024 तक इन दोनों एनएफओ में आवेदन कर सकते हैं। इस लेख में दोनों फंडों की जानकारी पर प्रकाश डाला गया है।
निप्पॉन इंडिया निफ़्टी ऑटो इंडेक्स फंड: निप्पॉन इंडिया निफ़्टी ऑटो इंडेक्स फंड एक इंडेक्स फंड है जो ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश करता है। यह फंड निफ्टी ऑटो इंडेक्स को ट्रैक करता है, जिसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयर शामिल हैं। इसमें उन कंपनियों को शामिल किया जाता है जो निफ्टी 500 और ऑटो सेक्टर से संबंधित हों। निवेश के नजरिए से देखे तो पायेंगे कि निफ़्टी ऑटो टीआरआई ने पिछले 10 वर्षों में 12.6 फीसदी का सालाना चक्रवर्ती रिटर्न प्रदान किया है।
इंडस्ट्री डायनामिक्स: भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री का घर है, और वित्त वर्ष 2023-24 में 28.43 मिलियन से अधिक वाहनों का उत्पादन किया गया है।
इंडस्ट्री मंत्रालय ने भारत में ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स के डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई स्कीम शुरू की है, जिसका कुल बजटीय प्रावधान वित्त वर्ष 2023 से वित्त वर्ष 2027 के बीच 25,938 करोड़ रुपए है। जनवरी 2024 में, सरकार ने इस योजना की अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी, जिससे नई योजना 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी।
भारत में ईवी मार्केट वैल्यू 2029 तक 113.99 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जो 66.52 फीसदी की सीएजीआर से बढ़ रही है।
भारत ऑटोमोबाइल का सबसे बड़ा निर्यातक देशों में से एक है। वित्त वर्ष 2024 में ऑटोमोबाइल निर्यात की संख्या 4.5 मिलियन यूनिट्स रही।
सरकार ने सेमीकंडक्टर उत्पादन में बड़ा निवेश करने का फैसला किया और तीन सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की योजना बनाई है।
इस प्रकार स्पष्ट है कि देश की अर्थव्यवस्था में ऑटोमोबाइल सेक्टर का विशेष योगदान है और सरकार का विशेष फोकस ऑटोमोबाइल सेक्टर की प्रगति पर है। आने वाले वर्षों में इस सेक्टर की ग्रोथ का फायदा ‘निप्पॉन इंडिया निफ़्टी ऑटो इंडेक्स फंड’ को मिलेगा। आप निवेशकों को इस ग्रोथ का फायदा उठाना चाहिए।
फंड की विशेषताएं:
1. ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश : यह फंड ऑटोमोबाइल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में निवेश करता है, जो भारतीय अर्थव्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। निवेशकों को निफ़्टी ऑटो इंडेक्स में शामिल 15 प्रमुख कंपनियों में अप्रत्यक्ष रूप से निवेश का मौका मिलता है।
2. निफ्टी ऑटो इंडेक्स की ट्रैकिंग : यह फंड निफ्टी ऑटो इंडेक्स को ट्रैक करता है, जो ऑटोमोबाइल सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयरों का एक सूचकांक है।
3. इंडेक्स फंड : यह फंड एक इंडेक्स फंड है, जो निफ्टी ऑटो इंडेक्स के प्रदर्शन को दोहराने का प्रयास करता है।
4.विविधीकरण : यह फंड आपके पोर्टफोलियो में विविधीकरण को बढ़ावा देता है। ऑटो इंडेक्स में पैसेंजर व्हीकल, टू व्हीलर एवं थ्री व्हीलर, ट्रक, ट्रैक्टर, ऑटो कॉम्पोनेंट्स, टायर और ईवी संबंधित कंपनियां शामिल हैं।
5. कम खर्च : इस फंड का खर्च अन्य एक्टिवली मैनेज्ड फंडों की तुलना में कम होता है।
6. यह एक ओपन एंडेड म्युचुअल फंड है और इसमें से किसी भी समय निवेश निकालने पर कोई पाबंदी नहीं है।
7. यह फंड पारदर्शी भी है क्योंकि यह ऑटो इंडेक्स के प्रदर्शन पर निर्भर है।
8. फंड में एसआईपी के माध्यम से भी निवेश किया जा सकता है।
फंड की जानकारी: यह फंड 14 नवंबर 2024 को खुलकर 28 नवंबर 2024 को बंद होगा। फंड का बेंचमार्क इंडेक्स निफ़्टी ऑटो टीआरआई है। फंड के फंड मैनेजर हिमांशु मंगे हैं। फंड में किसी भी प्रकार का एग्जिट लोड नहीं लगेगा। एनएफओ में कम से कम 1000 रुपए और उसके बाद 1 रुपए के गुणक में निवेश किया जा सकता है। स्कीम में दो तरह के प्लान ‘ग्रोथ प्लान और इनकम डिस्ट्रीब्यूशन या कैपिटल विड्रोल प्लान’ शामिल हैं।
निष्कर्ष तौर पर कह सकते हैं कि निप्पॉन इंडिया निफ़्टी ऑटो इंडेक्स फंड उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है, जो ऑटोमोबाइल सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। यह फंड कम खर्च और विविधीकरण के लाभ प्रदान करता है, लेकिन बाजार जोखिम, सेक्टर जोखिम और इंडेक्स जोखिम को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
निप्पॉन इंडिया निफ़्टी रियल्टी फंड
निप्पॉन इंडिया निफ़्टी रियल्टी फंड एक म्यूचुअल फंड है जो रियल एस्टेट और रियल्टी संबंधित क्षेत्रों में निवेश करता है। यह फंड उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो रियल एस्टेट में निवेश करना चाहते हैं और लंबी अवधि में पूंजी की वृद्धि की उम्मीद रखते हैं। इसमें उन कंपनियों को शामिल किया जाता है जो निफ्टी 500 और रियलिटी सेक्टर से संबंधित हों। निवेश के नजरिए से देखे तो पायेंगे कि निफ़्टी रियलिटी टीआरआई ने पिछले 10 वर्षों में 18 फीसदी का सालाना चक्रवर्ती रिटर्न प्रदान किया है। 1 जनवरी 2016 से 31 अक्टूबर 2024 तक निफ़्टी रियलिटी टीआरआई ने 22.3 फीसदी का सीएजीआर रिटर्न दिया है। यानी कि किसी निवेशक ने 1 जनवरी 2016 को निफ़्टी रियलिटी टीआरआई में 10000 का निवेश किया होगा तो वह निवेश 31 अक्टूबर 2024 तक 59000 रुपए का हो गया है, यानी कि 5.9 गुना। इस तथ्य से पता चलता है कि रियल्टी सेक्टर में निवेशकों को पिछले 10 वर्षों में काफी अच्छा लाभ मिला है।
इंडस्ट्री डायनामिक्स: भारत में रियल एस्टेट का भविष्य काफी उज्ज्वल है। अगले पांच वर्षों में इस क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप 2047 तक रियल एस्टेट क्षेत्र का मूल्य 5.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। यह वृद्धि भारतीय अर्थव्यवस्था में रियल एस्टेट क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाती है, जो देश के जीडीपी में 15.5 फीसदी का योगदान देगी।
सरकार द्वारा रियल एस्टेट सेक्टर को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए रेरा कानून लागू किया गया है। इससे इस क्षेत्र में संगठित रूप से काम करने वाली कंपनियों को अच्छी प्रगति का मौका मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी योजनाओं से घरों को अफॉर्डेबल बनाया जा रहा है।
आने वाले वर्षों में इस सेक्टर की ग्रोथ का फायदा ‘निप्पॉन इंडिया निफ़्टी रियल्टी इंडेक्स फंड’ को मिलेगा। आप निवेशकों को इस ग्रोथ का फायदा उठाना चाहिए।
फंड की विशेषताएं:
1. रियल एस्टेट और रियल्टी संबंधित क्षेत्रों में निवेश : यह फंड रियल एस्टेट और रियल्टी संबंधित क्षेत्रों में निवेश करता है, जैसे कि रियल एस्टेट डेवलपर्स, कंस्ट्रक्शन कंपनियां, और रियल्टी फाइनेंस कंपनियां। इसमें निफ़्टी रियलिटी टीआरआई में 10 प्रमुख कंपनियां शामिल होती हैं।
2. लंबी अवधि के लिए निवेश : यह फंड लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए उपयुक्त है, क्योंकि रियल एस्टेट में निवेश करने से लंबी अवधि में पूंजी की वृद्धि होती है।
3. विविधीकरण : यह फंड आपके पोर्टफोलियो में विविधीकरण को बढ़ावा देता है, क्योंकि रियल एस्टेट एक अलग क्षेत्र है जो अन्य क्षेत्रों से अलग होता है।
4. कम खर्च : इस फंड का खर्च अन्य एक्टिवली मैनेज्ड फंडों की तुलना में कम होता है।
5. यह एक ओपन एंडेड म्युचुअल फंड है और इसमें से किसी भी समय निवेश निकालने पर कोई पाबंदी नहीं है।
6. यह फंड पारदर्शी भी है क्योंकि यह रियलिटी इंडेक्स के प्रदर्शन पर निर्भर है।
7. फंड में एसआईपी के माध्यम से भी निवेश किया जा सकता है।
फंड की जानकारी: यह फंड 14 नवंबर 2024 को खुलकर 28 नवंबर 2024 को बंद होगा। फंड का बेंचमार्क इंडेक्स निफ़्टी रियलिटी टीआरआई है। फंड के फंड मैनेजर हिमांशु मंगे हैं। फंड में किसी भी प्रकार का एग्जिट लोड नहीं लगेगा। एनएफओ में कम से कम 1000 रुपए और उसके बाद 1 रुपए के गुणक में निवेश किया जा सकता है। स्कीम में दो तरह के प्लान ‘ग्रोथ प्लान और इनकम डिस्ट्रीब्यूशन या कैपिटल विड्रोल प्लान’ शामिल हैं।
निष्कर्ष तौर पर कह सकते हैं कि निप्पॉन इंडिया निफ़्टी रियल्टी फंड उन निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है , जो रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करना चाहते हैं और लंबी अवधि में पूंजी की वृद्धि की उम्मीद रखते हैं। यह फंड विविधीकरण और लंबी अवधि में पूंजी की वृद्धि के लाभ प्रदान करता है, लेकिन बाजार जोखिम, रियल एस्टेट जोखिम और इंडेक्स जोखिम को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

