Friday, February 20, 2026 |
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एनसीसी के शेयरों में भारी गिरावट, NHAI के दो वर्ष के प्रतिबंध से निवेशकों में चिंता

by Business Remedies
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NCC company logo and falling share price graph

Mumbai,

गुरुवार को stock market update में निर्माण क्षेत्र की कंपनी एनसीसी लिमिटेड के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी और उसकी सहायक इकाई पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा दो वर्ष का प्रतिबंध लगाए जाने के बाद शेयर लगभग 10 प्रतिशत तक टूट गए। कारोबार के दौरान शेयर एक वर्ष के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में यह 9.85 प्रतिशत गिरकर 135 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ और नया 52 सप्ताह का निचला स्तर बना।

प्रतिबंध की जानकारी के बाद बाजार में दबाव

कंपनी ने एक्सचेंज को दी सूचना में बताया कि उसकी सहायक इकाई ओबी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और स्वयं एनसीसी लिमिटेड को एनएचएआई से दो वर्ष के लिए डिबारमेंट आदेश मिला है। इस आदेश के तहत दोनों कंपनियां एनएचएआई द्वारा जारी किसी भी टेंडर, बोली या प्रस्ताव प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकेंगी। इसमें कन्सेशनर, ठेकेदार, ईपीसी ठेकेदार, संचालन एवं रखरखाव ठेकेदार, एजेंसी या कंसोर्टियम सदस्य जैसी सभी भूमिकाएं शामिल हैं। यह प्रतिबंध 17 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के एक राजमार्ग प्रोजेक्ट से संबंधित है जिसे ओबी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने वर्ष 2006 के समझौते के तहत बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर एन्युटी आधार पर पूरा किया था। कंपनी का कहना है कि परियोजना में देरी भूमि समय पर न मिलने और अनुबंध की अन्य शर्तों के उल्लंघन के कारण हुई। इस मामले में कंपनी ने मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की थी और उसे नवंबर 2024 में अनुकूल निर्णय मिला था। हालांकि एनएचएआई ने इस निर्णय को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी है और कुछ अतिरिक्त विवाद अब भी मध्यस्थता में लंबित हैं।

कंपनी ने आदेश को बताया अनुचित

ओबी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने दावा किया कि मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रहने और रियायत अवधि समाप्त होने के बाद भी प्रतिबंध आदेश जारी किया गया तथा उसे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। कंपनी ने कहा कि वह कानून के अनुसार इस आदेश को चुनौती देगी। एनसीसी लिमिटेड ने स्पष्ट किया कि मौजूदा आदेशों और चल रही परियोजनाओं पर तत्काल वित्तीय या संचालन प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन अगले दो वर्षों तक नए एनएचएआई प्रोजेक्ट में भागीदारी प्रतिबंधित रहने से भविष्य के टेंडर पर असर का अनुमान अभी नहीं लगाया जा सकता।



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