Monday, June 29, 2026 |
Home Health and Lifestyle‘इस अंतरराष्ट्रीय Mahila Divas पर करें उनकी देखभाल जो करती हैं सबकी Care’

‘इस अंतरराष्ट्रीय Mahila Divas पर करें उनकी देखभाल जो करती हैं सबकी Care’

by Business Remedies
0 comments

बिजऩेस रेमेडीज/जयपुर  अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सिर्फ जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का भी अवसर है। महिलाएं अक्सर परिवार, करियर और समाज की जिम्मेदारियों में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। महिलाओं में पीसीओएस, अनियमित माहवारी, गर्भाशय फाइब्रॉइड्स, ओवरी में सिस्ट, सर्वाइकल और ब्रेस्ट कैंसर समय काफी आम है। इनकी स्क्रीनिंग और रोकथाम करना भी एकमात्र उद्देश्य होना चाहिए।
Narayana  Hospital, जयपुर की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. उषा अग्रवाल बताती है की चालीस की उम्र के बाद महिलाओं को अपनी सेहत को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए। उम्र बढऩे के साथ महिलाओं में गर्भाशय, अंडाशय, सर्विक्स और वजाइना का कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है।साथ ही मेनोपॉज की प्रक्रिया शुरू होते ही महिलाओं के शरीर में बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। मेनोपॉज के आस पास महिलाओं को हॉट फ्लैश, मूड स्विंग, वजाइनल ड्राइनेस, नींद न आना, स्किन ड्राई हो जाना, यूरिन इन्फेक्शन, जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे में महिलाओं में डिप्रेशन भी होने लगता है। हार्मोनल असंतुलन, हड्डियों की कमजोरी और हृदय रोग जैसी समस्याओं से बचाव के लिए भी नियमित जांच करवानी चाहिए।
Narayana  Hospital, जयपुर की सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. मंजू गोयल कहती हैं, की स्वस्थ जीवन शैली अपनाना किसी भी महिला के लिए सबसे बड़ा उपहार हो सकता है। उन्होंने कहा संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन से न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। महिलाओं को अपने आहार में अधिक फाइबर, हरी सब्जियां, फल, प्रोटीन और विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए। साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीना भी बहुत जरूरी है, जिससे शरीर डिटॉक्स होता है और किडनी स्वास्थ्य भी बना रहता है।

 



You may also like

Leave a Comment