Thursday, August 20, 2026 |
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Nand Ghar ने हासिल किया बड़ा मुकाम: 8000 से अधिक नंद घरों के ज़रिए 3 Lac से ज़्यादा बच्चों और 2 लाख महिलाओं को किया जा रहा है सशक्त

by Business Remedies
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वेदांता की प्रमुख पहल 2024-25 में नई ऊँचाइयों और उपलब्धियों के नए आयाम छूती हुई!
जयपुर, अप्रैल 2025: Anil Agarwal Foundation  की प्रमुख पहल ‘Nand Ghar‘ ने अब तक देश के 15 राज्यों में 8,044 आधुनिक आँगनवाड़ियों की स्थापना करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह विस्तार वेदांता की ग्रामीण विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें छोटे बच्चों की शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सेवाएँ और महिलाओं के लिए कौशल विकास को मज़बूत किया जा रहा है।
Nand Ghar पारंपरिक आँगनवाड़ियों का आधुनिक रूप हैं, जो उन्नत सुविधाओं से परिपूर्ण हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही यहाँ स्मार्ट शिक्षा उपकरण, इंटरएक्टिव ई-लर्निंग मॉड्यूल, बाला डिज़ाइन और स्मार्ट टीवी जैसी सुविधाएँ भी दी जाती हैं, ताकि 3-6 साल के बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया जा सके। हर केंद्र में बच्चों के अनुकूल फर्नीचर, बिजली, स्वच्छ पेयजल और स्वच्छ शौचालय की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इस प्रकार, नंद घरों में बच्चों को एक सुरक्षित और पोषणयुक्त माहौल मिलता है। शिक्षा के साथ-साथ, नंद घर कुपोषण के खिलाफ भी काम कर रहे हैं। यहाँ बच्चों को पोषक आहार और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली माताओं को ज़रुरी पोषण सहायता दी जाती है। इसके अलावा, नियमित टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य शिविर जैसी स्वास्थ्य सेवाएँ भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे संपूर्ण समुदाय के स्वास्थ्य को और बेहतर बनाया जा सके।
Nand Ghar अपनी पहुँच को लगातार बढ़ा रहा है। 2024-25 उपलब्धियों का एक खास साल रहा है। ‘खाना खाया क्या?’ अभियान में मनोज बाजपेयी पहले ब्रांड एंबेसडर बने और यह संदेश दिया की कोई भी बच्चा भूखा न सोए। कुपोषण से लड़ने के लिए, नंद घर ने दो चरणों में प्रोटीन युक्त मिलेट शेक वितरित किए, जिससे छह राज्यों के बच्चों को लाभ मिला। महाराष्ट्र में पहली बार 25 नए नंद घर शुरू किए गए, जिससे ठाणे जिले में गुणवत्तापूर्ण बाल शिक्षा और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों को बढ़ावा मिला। वहीं, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ) ने अगले दो वर्षों में राजस्थान में 25,000 नंद घर विकसित करने का संकल्प लिया है, जिससे ग्रामीण समुदायों पर इसका प्रभाव और भी मज़बूत होगा। नंद घर की पहल के तहत 3 लाख से अधिक बच्चों और 2 लाख महिलाओं को लाभ पहुँच रहा है।
यह पहल भारत सरकार के महिला और बाल विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है। मंत्रालय विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 6 साल तक के बच्चों और उनकी माताओं को संपूर्ण देखभाल एवं पोषण प्रदान करता है। यहाँ प्रशिक्षित स्टाफ, शिक्षा सामग्री, पोषण और बच्चों के संपूर्ण विकास के लिए कई गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं, जिससे उन्हें सुरक्षित माहौल में बेहतर देखभाल मिल सके। पूरे देश में 14 लाख से अधिक आँगनवाड़ी केंद्र 7 करोड़ से ज़्यादा बच्चों को सेवाएँ दे रहे हैं। ऐसे में, नंद घर का मॉडल मौजूदा व्यवस्थाओं को और सशक्त बनाता है और ग्रामीण भारत में महिलाओं व बच्चों के कल्याण के लिए सरकारी प्रयासों को बढ़ावा देता है।
इस उपलब्धि पर बात करते हुए, प्रिया अग्रवाल हेब्बर, Hindustan Zinc Limited  की चेयरपर्सन और वेदांता लिमिटेड की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, ने कहा, “8,000 नंद घरों की यात्रा हमारे इस संकल्प को दर्शाती है कि हम ज़मीनी स्तर पर जीवन में बदलाव लाने के लिए तत्पर हैं। ये केंद्र सिर्फ आधुनिक आँगनवाड़ी ही नहीं हैं, बल्कि संभावनाओं के ऐसे द्वार हैं, जहाँ बच्चे सीखते हैं और आगे बढ़ते हैं, और महिलाएँ आत्मनिर्भर बनने के लिए ज़रूरी साधन और कौशल प्राप्त करती हैं। नंद घर अब एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन का रूप ले रहा है और वास्तविक बदलाव ला रहा है। सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ हमारी साझेदारी इस मिशन को और मज़बूत बना रही है, जिससे हमें उद्देश्यपूर्ण रूप से आगे बढ़ने और पूरे भारत के समुदायों में सार्थक बदलाव करने में मदद मिल रही है।” आगे बात करते हुए, शशि अरोड़ा, नंद घर के सीईओ, ने कहा, “नंद घर में, हमारा उद्देश्य सिर्फ आँकड़ों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उन जिंदगियों में बदलाव लाना है, जो हमारे संपर्क में आती हैं। हम स्मार्ट लर्निंग, डिजिटल टूल्स और सतत पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से भारत में आँगनवाड़ी व्यवस्था की नई परिभाषा रच रहे हैं। पिछले एक साल में हमने अत्याधुनिक डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल और विस्तारित पोषण कार्यक्रम पेश किए हैं, ताकि हर बच्चा पोषण 2.0 दिशानिर्देशों के अनुसार दैनिक संतुलित आहार प्राप्त कर सके। हमारी प्रमुख पहल, जैसे- ‘खाना खाया क्या?’, मिलेट बार और शेक डिस्ट्रीब्यूशन ड्राइव, डिजिटल स्मार्ट लर्निंग मॉडल, बाल विकास और महिला सशक्तिकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मज़बूत करती है। हम आगे भी अपने प्रयासों को जारी रखेंगे, ताकि प्रारंभिक बाल शिक्षा, पोषण और महिला सशक्तिकरण के माध्यम से समाज में सार्थक और सतत बदलाव लाया जा सके।”
नंद घर राजस्थान, ओडिशा, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में लगातार विस्तार कर रहा है। यह परियोजना मुख्य रूप से स्वास्थ्य, पोषण और कौशल विकास पर केंद्रित है। 2025 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्यूसीडी) की एकीकृत बाल विकास सेवाओं (आईसीडीएस) के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, नंद घर प्रारंभिक बाल देखभाल और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।
इस उपलब्धि के साथ, नंद घर भारत के ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाने के अपने लक्ष्य को दोहराता है, ताकि देश के बच्चों और महिलाओं को एक उज्जवल और स्वस्थ भविष्य के लिए बेहतरीन सुविधाएँ मिल सकें।



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