बिजऩेस रेमेडीज/हैदराबाद
महिन्द्रा युनिवर्सिटी ने अपने परिसर में अपने तीसरे दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जिसमें 751 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। समारोह के दौरान, असाधारण अकादमिक उत्कृष्टता और अनुसंधान उपलब्धियां प्रदर्शित करने एवं समुदाय में योगदान करने वाले विद्यार्थियों को मेडल से सम्मानित किया गया। इस वर्ष का दीक्षांत समारोह, एक्जीक्यूटिव एमबीए प्रोग्राम के विद्यार्थियों के लिए पहला दीक्षांत समारोह है।
आयोजन की अध्यक्षता महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलाधिपति आनंद महिन्द्रा ने की और तेलंगाना सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री दामोदर राजानरसिम्हा मुख्य अतिथि थे, जबकि अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइस की प्रवर्तक निदेशक और अपोलो हेल्थ एंड अपोलो फार्मासीज़ की कार्यकारी चेयरपर्सन शोभना कामिनेनि विशिष्ट अतिथि थीं। महिन्द्रा युनिवर्सिटी के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य सीपी गुरनानी, महिन्द्रा युनिवर्सिटी के प्रबंधन बोर्ड के सदस्य मोहित जोशी और प्रबंधन बोर्ड की सदस्य अनुजा महिन्द्रा भी उपस्थित थीं। राजानरसिम्हा और कामिनेनि ने महिन्द्रा युनिवर्सिटी में स्टूडेंट रेसिडेंट हॉल का उद्घाटन किया।
महिन्द्रा युनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए तेलंगाना सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा एवं परिवार कल्याण, विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री दामोदर राजानरसिम्हा ने कहा कि 21वीं शताब्दी परिवर्तन से संचालित है और टेक्नोलॉजी इस दुनिया को एक सूत्र में बांध रही है। इस दुनिया में हासिल करने के लिए असीमित ज्ञान है और समझदारी के साथ निर्णय में इससे मदद मिलती है। इस तेजी से बदलती दुनिया में संस्कृति, शिक्षा और मूल्य व्यक्ति को दूसरों से अलग करते हैं। महिन्द्रा युनिवर्सिटी ऐसे गतिशील विद्यार्थियों का पोषण कर रही है जो जोखिल उठाने के इच्छुक हैं और उत्कृष्टता पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइस की प्रवर्तक निदेशक और अपोलो हेल्थ एंड अपोलो फार्मेसीज की कार्यकारी चेयरपर्सन शोभना कामिनेनि ने कहा कि युवाओं को आज की डिजिटल दुनिया में गहन चिंतन पर केंद्रित होना चाहिए। सही नेतृत्व और बेहतर अनुसंधान में महिन्द्रा युनिवर्सिटी का निवेश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर इसकी शानदार प्रतिष्ठा में एक प्रमुख कारक है। मेरा मानना है कि इस उद्योग में गहरी जड़े जमाए शैक्षणिक संस्थान तीन उद्देश्यों को पूरा करते हैं जिनमें प्रासंगिक नौकरियां उपलब्ध कराना, प्रशिक्षण देना एवं लंबे समय तक पेशेवर कौशल के लिए कौशल विकास और अत्याधुनिक अनुसंधान एवं रीयल टाइन लर्निंग के लिए पहुंच सुगम बनाना शामिल है।
महिन्द्रा युनिवर्सिटी के कुलाधिपति आनंद महिन्द्रा ने उत्कृष्ट विश्वविद्यालयों के लिए एक सादृश्य के रूप में मधुमक्खी के छत्ते का उदाहरण देते हुए कहा कि मधुमक्खी के छत्ते गतिविधियों का केंद्र होते हैं, लेकिन साथ ही इनमें वजह और मजबूती के बीच एक बढय़िा संतुलन भी होता है। इसी प्रकार से, उच्च गुणवत्ता के विश्वविद्यालय विभिन्न उद्देश्यों और परिणामों के बीच एक संतुलन रखते हैं।
महिन्द्रा ने कहा कि महिन्द्रा युनिवर्सिटी को इसके शुरुआती वर्षों में इस तरह की अविरल चाल से बढ़ते देख मुझे खुशी हो रही है। इस युनिवर्सिटी का लक्ष्य ना केवल तकनीकी क्षेत्रों में सीखने का एक केंद्र बनना है, बल्कि यह व्यापक विचारक तैयार करने में भी मदद करता है जो टेक्नोलॉजी और मानविकी के बीच संबंधों को समझते हैं और एप्लीकेशन एवं थ्योरी दोनों के संदर्भ में बात करते हैं।

