भारत में लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग वर्ष के अंत तक 60 एमएसएफ को पार कर सकती है :
भारत का लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल (एलएंडआई) लीजिंग सेक्टर तेजी से नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा है। रियल एस्टेट सर्विस फर्म कुशमैन एंड वेकफील्ड की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 के अंत तक इस सेक्टर में ग्रॉस लीजिंग 60 मिलियन वर्ग फुट (एमएसएफ) को पार कर सकती है। मजबूत मांग और बेहतर नीतिगत माहौल की वजह से यह क्षेत्र एक नया बेंचमार्क स्थापित करने की स्थिति में है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली छमाही में कुल 30.7 एमएसएफ लीजिंग दर्ज की गई, जो पिछले साल की तुलना में 21.6 प्रतिशत अधिक है। यह वृद्धि 2024 की दूसरी छमाही की तुलना में भी 12.1 प्रतिशत ज्यादा है। लगातार तीसरे वर्ष लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग का स्तर 50 एमएसएफ से ऊपर बना हुआ है, जो इस क्षेत्र की मजबूत बुनियादी स्थिति को दर्शाता है।
सबसे बड़ा योगदान वेयरहाउसिंग सेगमेंट का रहा, जिसने कुल 21.9 एमएसएफ लीजिंग हासिल की और यह कुल हिस्सेदारी का 71.3 प्रतिशत है। वहीं, इंडस्ट्रियल सेक्टर ने 8.8 एमएसएफ का योगदान दिया, जो 28.7 प्रतिशत है।
मैन्युफैक्चरिंग (E&M) सेक्टर अग्रणी भूमिका में रहा। इसने 9.7 एमएसएफ लीजिंग के साथ कुल 32 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की और सालाना आधार पर 37 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। यह प्रदर्शन भारत की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ती भूमिका और सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे के विकास तथा नीतिगत सहयोग को दर्शाता है।
3पीएल (थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स) ऑपरेटरों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया और 7.4 एमएसएफ लीजिंग ली, जो 24 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। दूसरी ओर, ई-कॉमर्स सेक्टर ने सबसे तेज उछाल दर्ज किया। इसमें 158 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई और यह 4.6 एमएसएफ तक पहुंच गया, जो कुल लीजिंग का 15 प्रतिशत हिस्सा है।
कुशमैन एंड वेकफील्ड के गुजरात प्रमुख एवं लॉजिस्टिक्स एंड इंडस्ट्रियल सर्विसेज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक भूटानी ने कहा, “पहली छमाही का प्रदर्शन यह साबित करता है कि भारत का लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर अब केवल साइक्लिक उतार-चढ़ाव पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह संरचनात्मक मजबूती प्रदर्शित कर रहा है।”
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आने वाले 2-3 वर्षों में ग्रेड-ए वेयरहाउसिंग के 25 एमएसएफ की नई सप्लाई उपलब्ध होगी। इसके साथ ही, सरकार की सहायक नीतियों और उद्योगों की बढ़ती मांग से यह क्षेत्र और अधिक विस्तार के लिए तैयार है।
कुल मिलाकर, भारत का लॉजिस्टिक्स और इंडस्ट्रियल लीजिंग मार्केट इस साल 60 एमएसएफ का आंकड़ा पार कर एक नया मानक कायम कर सकता है। यह उपलब्धि न केवल रियल एस्टेट सेक्टर के लिए, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेत होगी।

