- देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी का 31 दिसंबर को समाप्त हुए नौ महीनों में कर पश्चात लाभ 8.27 प्रतिशत बढक़र 29,138 करोड़ रुपए हो गया।
- व्यक्तिगत व्यवसाय असहभागी (नॉन पार) एपीई 106.52 प्रतिशत बढक़र 6,813 करोड़ रुपए हो गया।
व्यक्तिगत व्यवसाय में असहमति (नॉन पार) एपीई हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2025 के नौ महीनों के लिए 27.68 प्रतिशत रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024 के नौ माह के लिए यह 14.04 प्रतिशत थी। - नव व्यवसाय (वीएनबी) का मूल्य 9.08 प्रतिशत बढक़र 6,477 करोड़ रुपए हो गया। वीएनबी मार्जिन (नेट) 50 बीपीएस बढक़र 17.1 प्रतिशत हो गया।
- नए व्यवसाय प्रीमियम आय (व्यक्तिगत) 9.73 प्रतिशत बढक़र 42.441 करोड़ रुपए हो गया। कुल प्रीमियम आय 5.51 प्रतिशत बढक़र 3,40,563 करोड़ रुपए हो गया।
- एयूएम 10.29 प्रतिशत बढक़र 54,77,651 करोड़ रुपए हो गया। वहीं समग्र एपीई 6.11 प्रतिशत बढक़र 37,975 करोड़ रुपए हो गया।
- व्यक्तिगत व्यवसाय एपीई 4.72 प्रतिशत बढक़र 24,612 करोड़ रुपए हो गया और समूह व्यवसाय एपीई 8.76 प्रतिशत बढक़र 13,363 करोड़ रुपए हो गया।
- सॉल्वेंसी अनुपात 1.93 से बढक़र 2.02 हो गया।
- व्यय अनुपात वित्त वर्ष 2025 के 9 माह के लिए 231 बीपीएस घटकर 12.97 प्रतिशत हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 के 9 माह के लिए 15.28 प्रतिशत था।
बिजनेस रेमेडीज/मुंबई। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के निदेशक मंडल ने 31 दिसंबर 2024 को समाप्त होने वाले नौ माह के लिए स्टैंडअलोन और समेकित वित्तीय परिणाम को मंजूरी दी है और अंगीकार किया। नीचे हमारे स्टैंडअलोन परिणाम के मुख्य अंश दिए गए हैं।
31 दिसंबर 2024 को समाप्त हुए नौ महीने के लिए कर के बाद लाभ (पीएटी) 29,138 करोड़ रुपए था, जबकि 31 दिसंबर 2023 को समाप्त हुए नौ महीनों के लिए यह 26,913 करोड़ रुपए था, जिसमें 8.27 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई।
प्रथम वर्ष की प्रीमियम आज (एफवाईपीआई) (आईआरउीएआई के अनुसार) द्वारा मापी गई बाजार हिस्सेदारी के संदर्भ में एलआईसी 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीने के लिए 57.42 प्रतिशत की कुल बाजार हिस्सेदारी के साथ भारतीय जीवन बीमा व्यवसाय बाजार का अग्रणी बना हुआ है। जबकि 31 दिसंबर 2023 को समाप्त नौ महीनों के लिए यह 58.90 प्रतिशत थी। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों के लिए एलआईसी का व्यक्तिगत व्यवसाय में 37.21 और समूह व्यवसाय में 71.70 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी थी।
31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए कुल प्रीमियत आय 3,40,563 करोड़ रुपए थी, जबकि 31 दिसंबर 2023 को समाप्त नौ महीनों की अवधि के लिए यह 3, 22,776 करोड़ रुपए थी। यानि 5.51 की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीने की अवधि के लिए व्यक्तिगत प्रीमियम आय 42,441 करोड़ रुपए थी, जबकि 31 दिसंबर 2023 को समाप्त नौ महीने की अवधि के लिए यह 38,679 करोड़ रुपए थी। यानि 9.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीने की अवधि के लिए व्यक्तिगत नवीनीकरण प्रीमियम आय 1.78,975 करोड़ रुपए थी, जबकि 31 दिसंबर 2023 को समाप्त नौ महीने की अवधि के लिए यह 1,71,040 करोड़ रुपए थी, यानि 4.64 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीने की अवधि के दौरान व्यक्तिगत रूप से कुल 1,17,10,505 पॉलिसियों बेची गई जबकि 31 दिसंबर 2023 को समाप्त नौ महीने की अवधि में 1,25,56,046 पॉलिसियां बेची गईं थीं, यानि 6.73 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। इसी प्रकार की बढ़ोतरी प्रीमियम समतुल्य आधार (एपीई), नए व्यवसाय का मूल्य (वीएनबी) में दर्ज की गई।
एलआईसी के सीईओ और एमडी सिद्धांत महांति ने कहा, हमारा ध्येय और रणनीति गतिशीलता वातावरण में अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने उत्पाद और चैनल मिश्रण को बदलने की दिशा में निरंतर बनी हुई है। 31 दिसंबर 2024 को समाप्त नौ महीने की अवधि के लिए व्यक्तिगत व्यवसाय के लिए असहभागी शेयर पिछले वर्ष की इसी अवधि के लिए 14.04 की तुलना में एपीआई आधिार पर 27.68 प्रतिशत बढ़ गया। आने वाले महीनों में हमारे डिजिटल परिवर्तन पहलों के परिणाम दिखाई देंगे। हम अपने सीाी हितधारकों के प्रति उनके समर्थन के लिए आभारी हैं क्योंकि हम अपने व्यवसाय को तेजी से बदलते उद्योग परिदृश्य के अनुसार, अनुकूलित, पुनर्कल्पित और पुन: व्यवस्थित करते हैं।

