जयपुर। भीलवाड़ा आधारित ओस्तवाल ग्रुप की प्रमुख एग्रोकेमिकल कंपनी कृष्णा फॉस्केम लिमिटेड ने 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के लिए वित्तीय परिणामों की घोषणा की है, जिसमें तिमाही राजस्व में 40.8 फीसदी सालाना की वृद्धि के साथ 395.54 करोड़ रुपए और कर पश्चात शुद्ध लाभ 86.6 फीसदी की वृद्धि के साथ 30.6 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है।
मुख्य बिंदु:
कंपनी ने जून तिमाही में मजबूत परिचालन प्रदर्शन के कारण अब तक की सर्वाधिक परिचालन आय (EBITDA) 65.6 करोड़ रुपए दर्ज किया है।
ईपीएस राजस्व वृद्धि, मार्जिन विस्तार और परिचालन प्रदर्शन के कारण लगभग दोगुना होकर, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 4.95 रुपए रहा, जबकि वित्त वर्ष 25 की पहली तिमाही में यह 2.65 रुपए था।
परिचालन प्रदर्शन:
एनपीके/डीएपी कॉम्प्लेक्स (81 फीसदी) और एसएसपी (92 फीसदी) का इष्टतम क्षमता उपयोग हुआ। कंपनी ने
94,222 मीट्रिक टन उर्वरक उत्पादन मात्रा प्राप्त की। कंपनी ने 90,949 मीट्रिक टन उर्वरक बिक्री मात्रा प्राप्त की।
परिणामों पर टिप्पणी करते हुए कंपनी के प्रमोटर, अध्यक्ष और निदेशक एम.के. ओस्तवाल ने कहा कि
“हमें वित्त वर्ष 26 की शुरुआत मज़बूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन के साथ करने की खुशी है। इससे सतत और स्वस्थ विकास के लिए हमारी दीर्घकालिक रणनीति और मज़बूत हुई है।
नवाचार और सतत कृषि पर अपना ध्यान केंद्रित करते हुए, हमने क्रमशः भारत और अन्नदाता ब्रांड के तहत दो विशिष्ट उत्पाद लॉन्च किए हैं:
* यूरिया एसएसपी – पोषक तत्वों के उपयोग की दक्षता में वृद्धि
* सुपर 6 – ज़िंक, बोरॉन और मैग्नीशियम से युक्त फोर्टिफाइड एसएसपी
आने वाली तिमाहियों में दोनों उत्पादों से कंपनी के विकास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलने की उम्मीद है। हम अपने एकीकृत परिचालनों को और अधिक विस्तारित, विविधीकृत और सुदृढ़ बनाने के लिए नए विकास अवसरों का सक्रिय रूप से मूल्यांकन कर रहे हैं। केंद्रित कार्यान्वयन और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ, हमें अपने शेयरधारकों के लिए स्वस्थ विकास और बेहतर मूल्य प्रदान करने का पूरा विश्वास है।”
आगे क्षमता विस्तार:
क्षमता विस्तार के संदर्भ में, मेघनगर संयंत्र में प्रस्तावित परियोजना में 142 करोड़ रुपए की लागत से 1,65,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष एनपीके/डीएपी कॉम्प्लेक्स और 99,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष सल्फ्यूरिक एसिड क्षमता का विस्तार शामिल है। सिविल कार्य शुरू हो गया है और संयंत्र एवं मशीनरी के लिए ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। सभी आवश्यक स्वीकृतियों के लिए आवेदन कर दिया गया है और मार्च 2026 तक वाणिज्यिक उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।

