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2026 तक युवाओं की हायरिंग में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी, 1.28 करोड़ नई नौकरियों का अनुमान

by Business Remedies
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India youth workforce growth 2026 jobs report

Business Remedies/नई दिल्ली। भारत में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर आने वाले वर्षों में तेज़ी से बढ़ने वाले हैं। सोमवार को आई NLB Services की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में युवाओं की हायरिंग में 2026 तक 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे लगभग 1.28 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी। यह रुझान भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड और बदलते स्किल लैंडस्केप की ताकत को दर्शाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इन नई नौकरियों में IT Services का हिस्सा सबसे अधिक 30–40 प्रतिशत रहने की संभावना है। इसके अलावा Fintech में करीब 20 प्रतिशत, Healthcare में लगभग 13 प्रतिशत, Manufacturing में 12 प्रतिशत, Logistics में 10.7 प्रतिशत और Green Energy में करीब 4 प्रतिशत हिस्सेदारी रहने का अनुमान है।

NLB Services के CEO सचिन अलुग ने कहा,
“‘खुद को जगाओ, दुनिया पर असर डालो’ की थीम पर युवा दिवस मनाते हुए भारत एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां सही स्किलिंग में निवेश करने से डेमोग्राफिक डिविडेंड को सतत आर्थिक विकास में बदला जा सकता है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत की 65 प्रतिशत से अधिक आबादी 35 वर्ष से कम उम्र की है और अनुमान है कि 2026 तक लगभग 12 मिलियन युवा वर्कफोर्स में शामिल होंगे, ऐसे में भविष्य के लिए तैयार स्किल्स विकसित करना पहले से कहीं अधिक ज़रूरी हो गया है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि AI/ML Engineers, Data Scientists, Cyber Security Specialists, Cloud Architects, Digital Product Managers और Sustainability Professionals जैसी हाई-इम्पैक्ट भूमिकाओं की मांग सप्लाई से कहीं अधिक रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही AI-skilling programs की कमी को भी रेखांकित किया गया है, जबकि संगठनों में AI fluency और advanced digital capabilities को तेजी से प्राथमिकता दी जा रही है।

अलुग के अनुसार, structured upskilling, skill-aligned recruitment और outcome-based talent models यह सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगे कि भारतीय युवा केवल आर्थिक बदलाव का हिस्सा न बनें, बल्कि उसे आगे भी बढ़ाएं।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि फिलहाल केवल 45 प्रतिशत युवा ही हाई-ग्रोथ टेक और डिजिटल भूमिकाओं के लिए job-ready माने जाते हैं। यह अंतर एक बड़े अवसर की ओर इशारा करता है। लक्षित और बड़े पैमाने पर upskilling से ज्ञान-आधारित क्षेत्रों में करीब 21 प्रतिशत उत्पादकता लाभ हासिल किया जा सकता है, जो 2026 तक भारत की GDP में लगभग 8 प्रतिशत योगदान दे सकता है।

समावेशी भागीदारी पर ज़ोर देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि फिलहाल formal workforce में महिलाओं की हिस्सेदारी 41.7 प्रतिशत है, जबकि tier-2 और tier-3 शहरों के युवा रोजगार क्षमता के मामले में मेट्रो शहरों से पीछे हैं। बेहतर training infrastructure, 2030 तक महिला workforce participation को 55 प्रतिशत तक बढ़ाने और कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों को शामिल करने से अगले पांच वर्षों में अर्थव्यवस्था में अनुमानित 9.3 मिलियन skilled workers जुड़ सकते हैं।



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