Tuesday, June 30, 2026 |
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भारत के होटल क्षेत्र में बड़ा विस्तार, 2030 तक 70,000 से अधिक नए कमरे जुड़ने की संभावना

by Business Remedies
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India's rapidly growing hotel industry and new hotel construction

New Delhi,

देश के संगठित होटल क्षेत्र में आने वाले वर्षों में तेज विस्तार देखने को मिल सकता है। एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत की सूचीबद्ध होटल कंपनियां वर्ष 2030 तक 70,000 से अधिक नए कमरे (कीज़) जोड़ने की तैयारी में हैं। यह वृद्धि महामारी के बाद सुधार के चरण से आगे बढ़ते हुए क्षेत्र के स्थायी विकास की ओर संकेत करती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि होटल उद्योग का कुल बाजार आकार वर्ष 2024 में लगभग 24.6 अरब डॉलर से बढ़कर वर्ष 2029 तक करीब 31 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इस वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू पर्यटन में तेजी है, जहां वर्ष 2025 में यात्राओं की संख्या 40 प्रतिशत बढ़कर 4.1 अरब तक पहुंच गई। वर्ष 2025 के दौरान नए होटलों की आपूर्ति में प्रीमियम श्रेणी की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। उच्च मध्यम, उच्च और प्रीमियम श्रेणी के होटलों ने कुल नए उद्घाटनों में लगभग 60 प्रतिशत योगदान दिया। यह दर्शाता है कि उपभोक्ता अब बेहतर सुविधाओं और लग्जरी अनुभव की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं।

संरचनात्मक मजबूती की ओर बढ़ रहा क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार, होटल उद्योग अब महामारी के बाद के सुधार चरण से निकलकर एक स्थिर और परिपक्व विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस चरण में योजनाबद्ध विस्तार और कीमतों में स्थिरता देखने को मिल रही है। वर्ष 2025 में होटल सौदों का कुल मूल्य सालाना आधार पर लगभग ढाई गुना बढ़कर करीब 456 मिलियन डॉलर हो गया। वर्ष 2024 के बाद से इस क्षेत्र में निवेश गतिविधियों में उल्लेखनीय तेजी आई है, जहां बड़े संस्थागत निवेशकों ने महत्वपूर्ण हिस्सेदारी खरीदने में रुचि दिखाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की आर्थिक मजबूती, बढ़ती आय और बेहतर बुनियादी ढांचे के विकास ने इस क्षेत्र को मजबूती प्रदान की है। इसके साथ ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक स्थलों पर यात्रा की बढ़ती मांग भी होटल उद्योग को नई दिशा दे रही है।

वर्ष 2025 में मजबूत प्रदर्शन

कई वैश्विक चुनौतियों जैसे भू-राजनीतिक तनाव और विमानन क्षेत्र में व्यवधान के बावजूद वर्ष 2025 में होटल उद्योग ने मजबूत प्रदर्शन बनाए रखा। इस दौरान औसत अधिभोग दर लगभग 64 प्रतिशत रही। उपलब्ध प्रति कमरे से होने वाली आय में 11 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि औसत दैनिक दर में 8.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि निवेशकों की रुचि अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही है। वे अब पर्यटन स्थलों, तीर्थ स्थानों और उभरते व्यावसायिक शहरों में भी निवेश कर रहे हैं, जहां ब्रांडेड होटलों की उपलब्धता अभी सीमित है। इस प्रकार, आने वाले वर्षों में भारत का होटल उद्योग न केवल विस्तार करेगा बल्कि गुणवत्ता और अनुभव आधारित सेवाओं के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान भी मजबूत करेगा।



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