Sunday, February 1, 2026 |
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भारत–यूरोपीय संघ Trade Deal से 572.3 Billion डॉलर के दवा और चिकित्सा उपकरण के बाजार का रास्ता खुला

by Business Remedies
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India EU Trade Deal boosting pharmaceuticals and medical devices market access

नई दिल्ली,

भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ Free Trade Agreement (FTA) भारतीय दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। सरकार के अनुसार यह समझौता 572.3 Billion डॉलर के यूरोपीय संघ के दवा और चिकित्सा उपकरण बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करेगा, जिससे भारतीय औषधि उद्योग को नई गति मिलेगी। रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने कहा कि इस समझौते से देश की दवा कंपनियां अपने उत्पादन का विस्तार कर सकेंगी, रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और वैश्विक स्तर पर भारत की विश्वसनीय भागीदार के रूप में पहचान और मजबूत होगी। मंत्रालय ने यह भी बताया कि इससे कुशल रोजगार में वृद्धि, औद्योगिक क्षेत्र में नौकरियों का विस्तार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की भागीदारी बढ़ेगी।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह FTA दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के लिए नए द्वार खोलता है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के 572.3 Billion डॉलर के दवा और MedTech बाजार तक पहुंच तथा भारतीय चिकित्सा उपकरणों पर शुल्क में रियायत से इस उच्च मूल्य वाले क्षेत्र में तेजी आएगी। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण क्षेत्र में एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में अपनी उपस्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। यह समझौता भारत की सबसे रणनीतिक आर्थिक साझेदारियों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। नियम आधारित और आधुनिक व्यापार ढांचे के रूप में तैयार किया गया यह FTA वैश्विक चुनौतियों के अनुरूप है और दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच गहरे बाजार एकीकरण को बढ़ावा देगा।

इस समझौते से उच्च मूल्य वाले उत्पाद क्षेत्रों में प्राथमिकता आधारित बाजार पहुंच मिलेगी। ‘Made In India’ चिकित्सा उपकरणों पर शुल्क में उदारीकरण होगा। अकार्बनिक और कार्बनिक रसायन, उर्वरक, दवाइयां, प्रसाधन सामग्री, साबुन और डिटर्जेंट जैसे क्षेत्रों में वृद्धि को बल मिलेगा। साथ ही उत्पादन क्षमता विस्तार और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम समूहों के विकास से क्षेत्रीय प्रगति को बढ़ावा मिलेगा। गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे औद्योगिक केंद्रों में विस्तार के बड़े अवसर खुलेंगे। तटीय निर्यात केंद्रों को भी निर्यात आधारित विकास को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे रोजगार और प्रसंस्करण आधारित उद्योगों को सहारा मिलेगा। मंत्रालय के अनुसार भारत–यूरोपीय संघ FTA साझा मूल्यों को मजबूत करता है, नवाचार को बढ़ावा देता है और समावेशी, लचीले तथा भविष्य के लिए तैयार विकास की नींव रखता है।



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