Sunday, February 1, 2026 |
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भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक Free Trade Agreement की घोषणा की तैयारी

by Business Remedies
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Prime Minister Narendra Modi with European Union leaders at India-EU Summit

नई दिल्ली,

भारत और यूरोपीय संघ के बीच बहुप्रतीक्षित Free Trade Agreement को लेकर बड़ी घोषणा की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में 16 वें India-EU Summit की मेजबानी करेंगे। इस बैठक में European Commission की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और European Council के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी शामिल होंगे।

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ के बीच Free Trade Agreement पर बातचीत पूरी हो चुकी है और 16 वें India-EU Summit में इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के लगभग छह माह बाद इस समझौते पर हस्ताक्षर होंगे और इसके अगले वर्ष से लागू होने की संभावना है। यह शिखर बैठक भारत और यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देगी। इसके तहत व्यापार, सुरक्षा और रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन तथा लोगों के बीच सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में दोनों पक्षों के संबंधों में सकारात्मक गति देखी गई है और यह समझौता उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

राजेश अग्रवाल ने इस समझौते को संतुलित और भविष्य उन्मुख बताते हुए कहा कि इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक एकीकरण मजबूत होगा तथा व्यापार और निवेश प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह समझौता भारत के वैश्विक व्यापार विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही, अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे शुल्क के प्रभाव को कम करने में भी यह सहायक हो सकता है, विशेष रूप से वस्त्र और आभूषण जैसे भारतीय निर्यात क्षेत्रों के लिए यूरोपीय बाजार में नए अवसर खुलेंगे। इस समझौते का एक महत्वपूर्ण परिणाम भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में यूरोपीय वाहन निर्माताओं के लिए अवसर बढ़ना है। वर्तमान में यूरोपीय वाहनों पर 110 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है, जिसे घटाकर लगभग 40 प्रतिशत किए जाने की संभावना है। इससे फॉक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों की कारें भारतीय बाजार में अधिक सुलभ हो सकेंगी।

वर्तमान में यूरोपीय कंपनियों की हिस्सेदारी भारत के 4.4 मिलियन इकाइयों वाले वार्षिक कार बाजार में केवल 4 प्रतिशत है। व्यापार के मोर्चे पर यूरोपीय संघ पहले से ही भारत के लिए महत्वपूर्ण भागीदार है। यह भारत के कुल निर्यात का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जबकि भारत को यूरोपीय संघ के कुल बाहरी निर्यात का लगभग 9 प्रतिशत प्राप्त होता है। वित्त वर्ष 2024–25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब डॉलर रहा। इसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर रहा। इस प्रकार यूरोपीय संघ वस्तुओं के क्षेत्र में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया। दोनों पक्षों के बीच सेवाओं का व्यापार वर्ष 2024 में 83.10 अरब डॉलर तक पहुंच गया।



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